लोकेशन- सुकमा
हिन्दी फ़िल्मो के गायकार ने बस्तर के बच्चे को प्रोत्साहित करने बुलाया चन्डीगढ
देश विदेशों में सुकमा की पहचान नक्सलवाद और लालगढ़ के रूप में होती रही है। लेकिन नक्सलवाद का दंश झेलते सुकमा के आदिवासियों में प्रतिभागियों की कमी नहीं है। आज सुकमा के आदिवासी बच्चें से लेकर बड़े अपनी प्रतिभागियों की वजह से सोशल मीडिया में छाये हुए हैं। सोशल मीडिया में इन दिनों एक बच्चे का गाना ट्रेंड कर रहा है। जानू मेरी जाने मन बचपन का प्यार भूल नही जाना रे। ये गाना सुकमा जिले के रोकेल उरमापाल वनांचल में रहने वाला आदिवासी बच्चे सहदेव ने गाया है।
उनके गाने का अंदाज ऐसा है कि लोग उस गाने पर अपनी शार्ट वीडियो बना रहे है। बॉलीवुड के रैप गायक बादशाह ने उस बच्चे को लेकर रैप तैयार करने न्यौता दिया है। जो चंडीगढ़ में जाकर उस गाने को गायेगा। देखिए ये पुरी वीडियो जिसमे गायक बादशाह के साथ बस्तर का कलाकार के साथ बाते हुयी...
- दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले की पहचान नक्सलवाद के रूप में होती है। लोग नाम सुनते ही ख़ौफ़ जदा हो जाते है। लेकिन इसी जिले का एक ऐसा कलाकार है जो आज सोशल मीडिया में वायरल हो रहे है। "जानू मेरी जानेमन बचपन का प्यारभूल नही जाना रे" गाना हर प्लेटफॉर्म पर दौड़ रहा है। बच्चे का गाने अन्दाज लोग पसंद कर रहे है और उसे अपने विडिओ के साथ अपलोड कर रहे है। बच्चे के गाने से प्रभावित होकर बड़े सिलेब्रेटी इस गाने पर रीमेक कर रहे है। हमारे संवाददाता संजय भदौरिया ने इस बच्चे से बात की तो पता चला वो चन्डीगढ के लिए रवाना हो गया है आपको बता दे इस को गाने वाला आदिवासी बच्चा सहदेव है जो सुकमा जिले में रहता है। उसे अब बादशाह का बुलावा आया है और वो चंडीगढ़ पहुँचने वाले है।



















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