*वनांचल में कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ खुले स्कूल,अधिकतर स्कूलों में छुटटी के निर्धारित समय पूर्व लटका मिला ताला*
*कोरोना महामारी के चलते लगभग डेढ़ 2 साल बाद खुले स्कूल*
साल्हेवारा:-आज दिनांक 2 अगस्त को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साल्हेवारा में ऑफलाइन कक्षाएं कोरोना प्रोटोकाल दिशा निर्देश का पालन करते व करवाते हुए प्रारम्भ किया गया जिसमे कक्षा 10 वी से 31 व कक्षा 12वी में 30 छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
कक्षा 10वी व 12वी की कक्षाओं को दो ग्रुप में विभाजित कर समय सारिणी तैयार की गई है जिसके अनुसार छात्र एकान्तर क्रम मे 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ उपस्थित होंगे जिसमे बैठक व्यवस्था कोरोना गाइड लाइन अनुसार तैयार की गई है सभी छात्र छात्राओं व स्टाफ को मास्क व अनिवार्य किया गया है तथा उच्च कार्यालयों के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है
हाई स्कूल साल्हेवारा में 10 वी व 12वी की कक्षाएं ही निर्ध्दशानुसार संचालित हो रही है व मिडिल स्कूल साल्हेवारा में 8वी की कक्षा पूरे दिशानिर्देशों के साथ संचालित हुई।।
*शिक्षकों के आराम करने की आदत की नही उतरी है खुमारी*
वही वनांचल के दूर दराजों के स्कूल के अधिकतर शिक्षम शिक्षिकाएं साल्हेवारा बस स्टैंड में मंडराते दिखे 12 बजे के बाद भी उनका ईस तरह साल्हेवारा में पाया जाना स्पष्ट करता है कि लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर भी आदतानुसार शिक्षकों की आराम करने की आदत में कोई सुधार नही आया है
इसी कड़ी में जब साल्हेवारा से आगे स्कूलों की जानकारी हेतु बढ़े तो आमगांव मिडिल स्कूल के बांवरे गुरुजी पैदल मार्च करते हुवे साल्हेवारा की दिशा में 3 बजे के पूर्व जाते दिखे जब उनसे पूछा गया कि सर स्कूल आज नही खुली क्या कितने बजे का समय निर्धारित है छुट्टी होने का तो उन्होंने बताया कि 4 बजे का तो आप 3 बजे के पूर्व ही स्कूल छोड़कर जा रहे हो
हड़बड़ाहट में बगले झांकने लगे व कोई स्पष्ट उत्तर नही दे सके व हड़बड़ी में झूठ कह बैठे की मैडम है स्कूल में वहां से थोड़ा ही आगे बढ़े थे तो सच्चाई स्पष्ट हो गई थी कि मैडम भी हमे रोड पर ही दिखाई दे गई कि वो भी स्कूल छोड़ चुकी थी फिर आगे स्कूल में पहुचने पर ताला लटका मिला इसी प्रकार आमगांव प्राथमिक शाला में भी ताला लटका पाया गया पूछने पर यह जानकारी प्राप्त हुई कि प्राथमिक शाला की छुट्टी तो 1 बजे से पहले ही कर दी गई थी।।
लम्बे समय बाद स्कूल खुलने पर भी शिक्षकों का यू ही अनियमित व मनमानीपूर्ण रवैया काफी चिंताजनक है उच्च अधिकारी कर्मचारियों का कठोर नियंत्रण व अनुशासन इस वनांचल में खासकर शिक्षा विभाग में अत्यंत आवश्यक है।।उच्च अधिकारीगण कृपया छुईखदान राजनांदगांव तक सीमित न रहते हुए इस क्षेत्र में पैनी नजर रखे ऐसा वनांचल के अधिकतर लोगों का कहना था और भी बहुत से लोगो ने इस विषय पर ऐसे हाल पर नाराजगी व्यक्त की व कहा कि ऐसा आचरण वास्तव में बच्चों के भविष्य को लेकर काफी शर्मनाक है जबकि लगभग दो साल के के बाद स्कूल खुली है फिर भी?






















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