खैरागढ़:-यात्री किराए में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी,किराया बढ़ने से दैनिक यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, इधर संचालकों ने कहा मिलेगी राहत,
खैरागढ़ । सरकार द्वारा बस यात्री किराए में 25 फीसदी बढ़ोत्तरी किए जानें के बाद अब शहर से होकर गुजरनें वाले बस यात्रियों को हर जगह के लिए अतिरिक्त किराया देना होगा । सरकार नें बस संचालकों की मांग पर यात्री किराए में 25 फीसदी बढ़ोत्तरी कर दी है । शहर से होकर रोजाना राजनांदगांव, कवर्धा, डोंगरगढ़, धमधा, रायपूर, डोंगरगढ़, दूर्ग, लांजी मप्र सहित हैदराबाद, पुणे, नागपूर, आदिलाबाद, सागर के लिए बसों का संचालन होता है । किराया बढ़ाए जाने के बाद यात्रियों की जेब फिर से हल्की होगी तो दूसरी ओर इससे दैनिक आनाजाना करनें वालें यात्रियों को भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा । डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी, उपकरणों की कीमतों के साथ कोरोनाकाल में यात्रियों की कमी के बाद भी करों, चालकों, परिचालकों के भुगतान के चलते संचालकों को अतिरिक्त घाटा उठाना पड़ रहा था। इसको लेकर बस संचालक लगातार किराए में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे थें। संचालकों ने सरकार के सामनें यात्री किराए में 40 फीसदी बढ़ोत्तरी किए जाने की मांग की थी । लेकिन सरकार ने आखिरकार 25 फीसदी किराया बढ़ाए जानें पर सहमति दी ।
राजनांदगांव के लिए अब 50, कवर्धा का सौ, रायपूर के लिए 115 रू देनें होगें
किराया बढ़ोत्तरी के फैसलें के बाद यात्रियों की जेबें अब ढीली होगी । खैरागढ़ से राजनांदगांव का फिलहाल बेसिक किराया 41 रू निर्धारित है । 25 फीसदी बढ़ोत्तरी के बाद यह 50 रू हो जाएगा । कवर्धा का किराया 80 से बढ़कर सौ रू होना प्रस्तावित है। जबकि रायपुर के लिए सीधी यात्रा करनें यात्रियों को अभी 90 रू चुकानें पड़ते है यह किराया बढ़कर लगभग 115 रू पहुँच जाएगा । इसी तरह गंडई का किराया 35 की बजाय 43 रू, दूर्ग का 55 से बढ़कर लगभग 70 रू., डोंगरगढ़ का 45 से बढ़कर 56 रू, लांजी का 85 से बढ़कर 105 रू, धमधा का 40 से बढ़कर 50 रु तक बढ़ जाएगा । इसी तरह ठेलकाडीह, छुईखदान, सहसपूर लोहारा, सिल्हाटी, मुढ़ीपार, सहित अन्य मार्गों में आनें जानें वालों को अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा । रात्रिकालीन और टू बाई टू कोच के रूप में हैदराबाद, पुणे, आदिलाबाद, नागपूर जैसे अन्य प्रदेशों में जाने वाले बसों में अतिरिक्त किराया बढ़ना है ।
कोरोनाकाल में मनमाफिक किराया वसूल रहे थे।
डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी के बाद कोरोना काल में बस सेवा शुरू होने के बाद से कुछ बस संचालकों द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही थी इसको लेकर रोजाना यात्रियों के साथ परिचालकों की तूतू मै मै भी हो रही थी । इधर डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि से बस संचालक भी परेशान थें और बसों के संचालन के लिए दुविधा में थें । यात्रियों की कमी के चलते रोजाना के खर्ची के साथ डीजल, टैक्स और चालक परिचालकों को वेतन देनें लायक पैसें भी नहीं निकल रहे थें ।बस संचालन शुरू करनें संचालक सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे थें इसको लेकर पिछले दो माह से संचालक भी लगातार मांग कर रहे थें ।
रोजाना आवाजाही करने वालों की बढ़ेगी परेशानी
शहर सहित आसपास के इलाकों से रोजाना बसों में आनाजाना करने वालों की किराए में बढ़ोत्तरी के बाद परेशानी बढ़ेगी । राजनांदगांव से सैकड़ों कर्मचारी, अधिकारी रोजाना शहर पहुँचतें है। तो आसपास के इलाकों में नौकरी करने वालें भी रोजाना कार्यालय पहुँचनें बस से यात्रा करतें है । रोजाना आनें जानें वालें कर्मचारियों अधिकारियों को किराए में बढ़ोत्तरी के बाद अब अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ेगी । यात्री किराया बढ़ने से रोजाना आवाजाही करने वालों के साथ साथ आम लोगों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा और प्रभावित होंगें ।
खर्चे बढ़े 4 साल बाद बढ़ा किराया
बस संचालक संघ के शिरीष मिश्रा ने बताया कि चार साल पहले डीजल की दर 67 रू होने के बाद किराए में बढ़ोत्तरी की गई थी । फिलहाल डीजल का दाम लगभग सौ रू तक पहुँच गया है । ऐसें में बस संचालकों को दोनो तरफ से नुकसान हो रहा था । 25 फीसदी किराया बढ़ाए जाने से संचालकों को काफी हद तक राहत मिलेगी। चार साल में डीजल पेट्रोल के बराबर पहुँच गया है। ऐसे में बसों का संचालन करना संचालकों को महंगा पड़ रहा था आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है ।
सीएनआई न्यूज़ खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट


















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