अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर -- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल की ओर से वकील गजेंद्र सोनकर द्वारा लगायी अर्ज़ी पर सुनवाई के बाद प्रथम श्रेणी न्यायाधीश जनक कुमार हिड़गो की बेंच ने नंदकुमार बघेल को जमानत प्रदान की। ब्राह्मण समाज के खिलाफ टिप्पणी करने पर नंदकुमार की गिरफ्तारी के बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा था।
गौरतलब है कि नंदकुमार बघेल ने ब्राम्हण समाज के ऊपर विवादित बयान दिया था जिसके खिलाफ उनके ऊपर डी०डी० नगर थाने में समाज द्वारा एफआईआर दर्ज करायी गई थी। रायपुर पुलिस ने सर्व ब्राह्मण समाज की शिकायत के बाद यहां डीडी नगर पुलिस ने नंदकुमार बघेल के खिलाफ शनिवार देर रात भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए (धर्म , जाति , जन्मस्थान , निवास , भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (1) (बी) (कारण के इरादे से , या संभावित रूप से) के तहत प्राथमिकी दर्ज किया था। जनता या जनता के किसी भी वर्ग के लिये कारण , भय या अलार्म जिससे किसी व्यक्ति को राज्य के खिलाफ या सार्वजनिक शांति के खिलाफ अपराध करने के लिये प्रेरित किया जा सकता है) केस दर्ज किया था। सर्व ब्राह्मण समाज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि सीएम बघेल के पिता ने हाल ही में लोगों से ब्राह्मणों को विदेशी बताकर उनका बहिष्कार करने की अपील करते हुये ब्राह्मणों को अपने गांवों में प्रवेश ना देने की बात की थी। उसके बाद उत्तरप्रदेश के आगरा से उनकी गिरफ्तारी के बाद रायपुर जिला न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जनक कुमार हिडको की कोर्ट पेश किया गया था , जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
क्या कहा था नंदकुमार बघेल ने
पिछले महीने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में नंदकुमार बघेल ने कहा था , अब वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा। हम यह आंदोलन करेंगे। ब्राह्मणों को गंगा से वोल्गा (रूस की एक नदी) भेजेंगे। क्योंकि वे विदेशी हैं। जिस तरह से अंग्रेज आये और चले गये। उसी तरह से ये ब्राह्मण या तो सुधर जायें या फिर गंगा से वोल्गा जाने को तैयार रहें।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.