खैरागढ़:-गौ सेवा करनें खुद के खर्चे से युवाओं ने खरीदी एंबुलेंस
जायल मवेशियों का रेस्क्यू कर कर रहे इलाज, सूचना पर मौके पर ही पहुँच रही एंबुलेंस,
गौ सेवा समिति के युवा सदस्यों की सराहनीय और अनूठी पहल
खैरागढ़ । स्वयंसेवी युवाओं द्वारा शहर में तीन साल से जारी गौ सेवा के लिए गौ सेवा समिति के सदस्यों ने नई मिसाल पेश कर दी है । लगातार तीन सालों से गौ सेवा में खुद के खर्चे से जूटें शहर के युवाओं ने अब दूर्घटनाग्रस्त मवेशियों की सेवा के लिए खुद का एंबुलेस तैयार किया है । एंबुलेस से शहर सहित इलाकें में घायल मवेशियों की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँचकर मवेशियों का रेस्क्यू किया जा रहा है। मौके पर इलाज के बाद एंबुलेस में भरकर घायल मवेशियों को गौ शाला लाया जा रहा है। अपने तरह के इस अनूठ प्रयोग की शहर भर चर्चा है। एंबुलेंस को भी गौ सेवा के युवा सदस्यों ने अपने खर्चे से खरीदी कर उसकी मरम्मत कर गौ और मवेशियों को रेस्क्यू करनें में तैयार कर लिया है। गौ एबुंलेस से ही अब तक सदस्यों ने 50 से अधिक घायल मवेशियों का इलाज करनें के साथ सुरक्षित गौशाला लानें में तत्परता दिखाई है ।
संगीत विवि से नीलामी में खरीदी एबुलेंस
पिछले तीन साल से किलापारा स्थित आमनेर नदी पर बनाए गए नए पुल के नीचें गौ शाला की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था बनाकर गौसेवा कार्य कर रहे गौसेवकों ने घायल मवेशियों को मौके पर इलाज सहित उसे इलाज के लिए गौशाला लानें काफी ज्यादा मेहनत की है । घायल मवेशियों को गौशाला लाने की मशक्कत के चलते गौ सेवक किसी वाहन की तलाश में थें । संगीत विवि में पूरानें एंबुलेंस की नीलामी इस दौरान निकाली गई । गौ सेवा समिति सदस्यों ने नीलामी में विवि की कबाड़ हो रही एंबुलेंस को 20 हजार रू में खरीदी । उसका सुधार कराया रंगरोगन में ही गौसेवा के स्वयंसेवी सदस्यों ने 50 हजार रू से अधिक की राशि खर्च की । अब एंबुलेंस तैयार होनें के बाद शहर सहित इलाके में घायल चोटग्रस्त मवेशियों को इसी एंबुलेंस से रेस्क्यू किया जा रहा है ।।
4 हजार से अधिक मवेशियों का कर चुके इलाज
तीन साल से संचालित हो रहे गौ सेवा समिति के युवा सदस्यों नें अब तक इलाके में 4 हजार से अधिक मवेशियों का इलाज मौके पर जा कर किया है। ज्यादा गंभीर घायल और चोटग्रस्त मवेशियों को गौ शाला लाकर सेवा की । गौशाला में फिलहाल ऐसें 50 से अधिक मवेशिया पूर्ण रूप से स्वस्थ है । यहाँ युवा ही मवेशियों की देखभाल, इलाज सहित चारा पानी की व्यवस्था संभालनें में जूटें है। पिछले तीन सालों में दूर्घटनाओं सहित अन्य कारणों से मृत 5 सौ से अधिक मवेशियों का गौ सेवा समिति अंतिम संस्कार भी करती आ रही है ।
गौ सेवा के साथ मानव सेवा में भी अग्रणी
श्रीराम गौसेवा समिति के सदस्य खुद के खर्चे से गौ सेवा के साथ मानव सेवा में भी अग्रणी रही है । लाकडाऊन के दौरान समिति के सदस्यों ने शहर भर में घुमनें वाले मवेशियों की चारापानी की व्यवस्था जगह जगह करतें रहे । तो दर्जन भर सदस्य लाक डाऊन के दौरान भोजन के लिए तरसनें वालें गरीब परिवारों, घुमंतू लोगों के लिए भी भोजन की निशुल्क व्यवस्था बनातें रहे । कोरोना की दूसरी लहर के दौरान समिति द्वारा बड़ी संख्या में संक्रमण प्रभावित परिवारों तक न्यूनतम दर पर भोजन की घर पहुँच व्यवस्था भी बनाई गई ।
सांसद और गौ सेवा आयोग अध्यक्ष भी पहुँचें लेकिन नही मिली सहायता
और गौ सेवा आयोग अध्यक्ष भी पहुंचे लेकिन नहीं मिली सहायता
गौ सेवा समिति के सदस्यों की कड़ी मेहनत को देखकर सांसद सहित गौ सेवा आयोग अध्यक्ष भी गौसेवा समिति की गौशाला आ चुके है। लाख दावों के बाद भी दोनों ओर से कोई सहयोग और सहायता गौ सेवा समिति को अब तक नहीं मिल पाई है। गौ सेवा समिति ने गौशाला के बेहतर संचालन के लिए गौशाला के लिए जमीन दिलाने मांग की थी लेकिन सदस्यों की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई ।
सीएनआई न्यूज़ खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.