आधे अधूरे गौठान से ग्रामीणों को नहीं मिल रहा गोधन न्याय योजना का लाभ ..
रिपोर्टर बैजनाथ पटेल बेलगहना
जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महत्वपूर्ण गोधन न्याय योजना का शुभारंभ एक साल तो हो गया लेकिन कोटा ब्लॉक ग्राम पंचायत कोनचार, मिट्ठू नवागांव केंदा, बरपाली,सोनपुरी के पशु पालक किसानों को गोधन न्याय योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गांवों में निर्मित हो रहा गौठान आधे अधूरे हैं गोधन न्याय योजना महिला समूह के माध्यम से गोबर खरीदी का आंकड़ा अब तक 100 करोड़ रूपए पार पार कर चुका है। खरीदे गए गोबर से राज्य के लगभग 6000 गौठानों में महिला समूहों द्वारा गोबर खरीदी किया जा रहा है। जिससे महिला आत्मनिर्भर बन रहे हैं गौठानों मे अब तक उत्पादित एवं विक्रय की गई खादों का मूल्य 90 करोड़ रूपए के पार हो गया है। गोधन न्याय योजना में ग्रामीणों गोबर बिक्री कर आत्मनिर्भर बन रहे है
गोधन न्याय योजना अपने आप में एक ऐसी अनूठी योजना बन गई है, जो बहुआयामी उद्देश्यों को अपने आप में समाहित कर लिया है। इस योजना के शुरूआती दौर में लोगों के मन में कई तरह के सवाल और इसकी सफलता को लेकर आशंकाएं थी, जिसे गौठान संचालन समिति और गौठान से जुड़ी महिलाओं ने निर्मूल साबित कर दिया है। पशुपालकों, ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का जरिया मिला है। महिला स्व सहायता समूहों को स्वावलंबन की एक नई पहचान मिला
गांव में शासकीय भूमि ना होने से फॉरेस्ट से गौ ठान के लिए भूमि मांग की है जिसकी कार्य एजेंसी फॉरेस्ट विभाग है जो पूर्ण कर ग्राम पंचायत को देगा
बलभद्र सिंह ठाकुर सरपंच ग्राम पंचायत कोनचरा


















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