अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
वाशिंगटन - भारतीय मूल की नीरा टंडन को व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव नियुक्त किया गया है। जिसके तहत उनके पास अब अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन के सभी दस्तावेजों का नियंत्रण रहेगा। नीरा टंडन इस पद पर आसीन होने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से बीएससी और येल लॉ स्कूल से कानून की डिग्री हासिल की है। व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव सम्मानजनक ओहदा माना जाता है। इससे पहले मई माह में नीरा को जो बिडेन का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया था। टंडन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार के अपने पद को भी बरकरार रखेंगी , जिसमें वे राष्ट्रपति को विभिन्न मुद्दों पर सलाह देती हैं। हालांकि व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं लेकिन इनकी भूमिका बेहद ही महत्वपूर्ण होती है। अधिकारियों के मुताबिक व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव की भूमिका केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के समान है , जो कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है और राष्ट्रपति के लिये कई तरह के मुद्दों का प्रबंधन करती है। टंडन के पास नीति और प्रबंधन में दो दशकों से अधिक का अनुभव है जो कि व्हाइट हाउस में नीति को और मजबूत करने का काम करेगा। घरेलू , आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में उनका अनुभव इस नई भूमिका में एक महत्वपूर्ण संपत्ति होगी। व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव के रूप में टंडन की नियुक्ति आठ महीने बाद हुई जब उन्होंने रिपब्लिकन सीनेटरों के कड़े विरोध के कारण व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट के निदेशक के रूप में अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके पहले भी टंडन ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में घरेलू नीति की सहायक निदेशक और प्रथम महिला की वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में अपना केरियर शुरू किया था। इसके अलावा भी वे अमेरिका स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय में स्वास्थ्य सुधारों की वरिष्ठ सलाहकार रह चुकी हैं। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अफोर्डेबल केयर एक्ट के कुछ विशेष प्रावधानों पर कांग्रेस और हितधारकों के साथ मिलकर काम किया था।

















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