व्यावसायिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत बड़गांव में केचुआँ खाद उत्पादन पर दिया गया प्रशिक्षण
बालाघाट -राणा हनुमान सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट में ’’म.प्र. शासन उच्च षिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’’ के तहत स्व. दिलीप भटेरे शासकीय महाविद्यालय किरनापुर के बी.ए. तथा बी.एस.सी. प्रथम वर्ष के 44 छात्रों द्वारा व्यावसायिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत केचुआँ खाद उत्पादन पर पांच दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिनांक 13 से 17 दिसंबर 2021 तक केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत एवं शासकीय महाविद्यालय किरनापुर की प्राचार्य डॉ. सुनीता जैन के मार्गदर्षन में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.आर. धुवारे द्वारा वर्मीकम्पोस्ट क्या होता हैं, उसके गुण, रासायनिक संरचना, वर्मीकम्पोस्ट में मौजुद पौषक तत्व, वर्मीकम्पोस्ट बनाने हेतु आवष्यकताएं जैसे उपयुक्त भोजन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता, पर्याप्त वायु संचार, पर्याप्त नीम, उपयुक्त तापमान, उपयुक्त पी.एच. एवं विषैले पदार्थों की अनुपस्थिति, कम्पोस्टिंग बैड पर मलि्ंचग एवं वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने हेतु उपयुक्त प्रजाति का चयन, केचुंओं की अच्छी प्रजातियों के गुण, वर्मीकम्पोस्ट बनाने हेतु क्रमबद्ध चरण वास्तविक वर्मी कम्पोस्टिंग प्रक्रिया व उसका प्रबंधन, वर्मीकम्पोस्ट का अलग करना, वर्मीकम्पोस्ट छनाई व पैकिंग आदि की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही डॉ. धुवारे ने वर्मीकम्पोस्ट बनाने की सम्पूर्ण विधि को छात्रों से प्रायोगिक रूप से करवाकर भी बताया।
केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत ने वर्मीवाश बनाने की सम्पूर्ण विधि एवं उसके उपयोग तथा महत्व के विषय में विस्तृत में जानकारी दी। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. रमेश अमूले द्वारा वर्मीकम्पोस्ट की मार्केटिंग के विषय में जानकारी दी गई। मौसम वैज्ञानिक श्री धर्मेन्द्र आगाशे द्वारा वर्मीकम्पोस्ट बनाते समय ध्यान देने वाली सावधानी के विषय में जानकारी दी साथ ही मौसम से संबंधित विभिन्न मोबाईल एप्प जैसे मेघदूत तथा दामिनी एप्प के विषय में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान डॉ. एम.पी. इंगले, अंजना गुप्ता एवं जितेन्द्र नगपुरे भी उपस्थित रहें।

















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