अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
शाहजहांपुर - रामचरितमानस में कहा गया है कि मां गंगा सारे मंगलों की , सारी उन्नति-प्रगति की स्रोत हैं। मां गंगा सारे सुख देती हैं और सारी पीड़ा हर लेती हैं , ऐसे ही गंगा एक्सप्रेस-वे भी यूपी की प्रगति के नये द्वार खोलेगा। इतने बड़े यूपी को चलाने के लिये जिस दम-खम और जितने दमदार काम की जरूरत है , डबल इंजन की सरकार वो करने का काम बखूबी से कर रही है। आज यूपी के पैसे को यूपी के विकास में लगाया जा रहा है , यह गंगा एक्सप्रेस-वे सभी के लिये अनंत संभावनाओं का एक्सप्रेस-वे है। गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी के विकास को गति और शक्ति दोनो देगा।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुये कही। पीएम मोदी ने भारत माता के नारे से भाषण की शुरुआत करते हुये बाबा विश्वनाथ और भगवान परशुराम को नमन किया। उन्होंने स्थानीय भाषा में लोगों का अभिवादन करते हुये हर-हर गंगे का जयकारा लगाया। पीएम ने कहा काकोरी से क्रांति की अलख जगाने वाले वीर शहीद क्रांतिकारी रामप्रसाद बिसमिल्ल , अशफाकउल्लाह खान और रोशन सिंह को मैं नमन करता हूं। इहां आप लोगन का आशीर्वाद हौ कि ई माटी के माथे पर लगले क सौभाग्य मिलल। इत्तो ही नाहीं अनुशासन और वफादारी क संकल्प निभावे वाले स्काउट गाइड के जनक की इ धरती को हम प्रणाम करत हई। संयोग से कल ही अशफाकउल्लाह खान, रामप्रसाद बिसमिल्ल और रोशन का बलिदान दिवस है। इन वीरों का हम सब पर बहुत बड़ा कर्ज है। ये कर्ज हम कभी चुका नहीं सकते लेकिन देश के विकास के लिये दिन-रात लगाकर उस भारत का निर्माण कर उन लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। पीएम ने आगे कहा कि जब समय बचता है , सुविधा बचती है , संसाधनों का सही इस्तेमाल बचता है तो सामर्थ्य बढ़ता है और फिर समृद्धि अपने आप आती है। आज डबल इंजन की सरकार में यूपी का बढ़ता सामर्थ्य हम सभी देख रहे हैं।
एक्सप्रेस-वे से लेकर एयपोर्ट्स तक सभी प्रोजेक्ट जनसेवा के लिये समर्पित हो चुके हैं। उन्होंने कहा यह एक्सप्रेस-वे करीब एक हजार किलोमीटर का है ,इसके जरिये हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। वो दिन दूर नहीं जब यूपी की पहचान नेक्स्ट जेनरेशन वाले सबसे आधुनिक राज्य के रूप में होगी। यूपी जो नये रेलवे रूट , एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट बन रहे हैं वो कई वरदान ला रहे हैं। जैसे समय की बचत , संसाधनों का उत्तम से उत्तम से उत्तम उपयोग , यूपी के सामर्थ्य में वृद्धि , यूपी में चौतरफा समृद्धि। अब यूपी के एक शहर से दूसरे शहर जाने में पहले से कम समय लगेगा। यूपी के बारह जिलों को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे दिल्ली से बिहार आने जाने का समय भी कम कर देगा। जब ये तैयार हो जायेगा तो उद्योगों का क्लस्टर इसके आसपास बन जायेगा। जो किसानों से लेकर एमएसएमई तक सबके लिये बेहद मददगार होगा। किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। किसान हों या युवा ये सबके लिये अनंत संभावनाओं का एक्सप्रेस-वे है। यह एक्सप्रेस-वे समाज के हर तबके को फायदा देगा। जब पूरा यूपी एक साथ बढ़ता है तभी तो देश आगे बढ़ता है। सबका साथ , सबका विकास , सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ हम यूपी के विकास के प्रयास में जुटे हैं। अब यूपी में भेदभाव नहीं सबका भला होता है। पांच साल पहले राज्य के कुछ इलाकों को छोड़कर बिजली ढूंढे नहीं मिलती थी। डबल इंजन की सरकार ने पहले के मुकाबले ज्यादा बिजली दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले सालों में बीज से बाजार तक की योजना हमने बनायी है इसका फायदा छोटे किसानों को मिला है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के बैंक खाते में पैसा पहुंचा है। आज हम छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ रहे हैं। पहले छोटे किसानों के लिये बैंक के दरवाजे नहीं खुलते थे। पैसा डायरेक्ट किसान के खाते में जाने से छोटे किसान को बहुत राहत मिली है। पीएम ने कहा कि आज जब माफिया पर बुलडोजर चलता है तो दर्द उसको पालने-पोसने वालों को होता है। पहले सूरज डूबता था तो कट्टा लहराता था , अब वो सरकार चली गई है।
अब अपराधियों की शामत आ गई है , पहले दंगा , जमीन पर कब्जा और गुंडागर्दी होती थी लेकिन अब योगी सरकार में ऐसा कुछ नहीं होता। आजादी के बाद पहली बार गरीब का दर्द समझने वाली सरकार बनी है। पहली बार गैस , सड़क बिजली को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे गरीब , दलित पिछड़ों को जीवन बदलता है। पहले यहां रात-बिरात इमरजेंसी में अगर किसी को अस्पताल की जरूरत पड़ती थी तो लोगों को लखनऊ , कानपुर और दिल्ली भागना पड़ता था। दूसरे शहर जाने के लिये सड़कें नहीं थीं। आज यहां सड़के , एक्सप्रेस-वे बनते जा रहे हैं , मेडिकल कॉलेज भी खुले हैं। ऐसे ही होता है दमदार काम , ईमानदार काम। जो भी समाज में पिछड़ा हुआ है उसे सशक्त करना , योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही हमारी प्राथमिकता है। आज गरीब के लिये काम करने वाली सरकार बनी है। विपक्षी पार्टियों को काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से दिक्कत हुई है , अब श्रीराम मंदिर के निर्माण से भी उन्हें दिक्कत हो रही है। उन्हें देश की विरासत और विकास से दिक्कत है। विरासत से इसलिये क्योंकि इन्हें अपने वोट बैंक की चिंता है और विकास से इसलिये क्योंकि इन लोगों को काशी में बाबा विश्वनाथ और अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने में दिक्कत है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़े करते हैं , ये लोग मेक इन इंडिया की कोरोना वैक्सीन को कटघरे में खड़ा कर देते हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्षी पार्टियों पर भी तंज कसते हुये कहा कि पुराने दिनों , पुराने निर्णयों , पुराने कामकाज के तरीकों को याद करिये तो आपको साफ-साफ नजर आयेगा कि यूपी में भेदभाव नहीं , सबका विकास हो रहा है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुये कहा कि पहले की सरकारें बड़ी परियोजनायें कागज पर इसलिये शुरू करती थी ताकि वो लोग अपनी तिजोरी भर सकें। आज जमीन पर इसलिये काम हो रहा है ताकि आपका पैसा आपकी जेब में रहे और प्रदेश का विकास हो। यूपी में आज जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है, वो ये दिखाता है कि संसाधनों का सही उपयोग कैसे किया जाता है। पीएम मोदी ने कहा इस यूपी को चलाने के लिये जिस दमखम की जरूरत है वो आज डबल इंजन की सरकार करके दिखा रही है। वो दिन दूर नहीं जब यूपी की पहचान नेक्स्ट जनरेशन वाले सबसे आधुनिक राज्य की होगी। ये यूपी में आज जो एक्सप्रेस वे का जाल बिछ रहा है , जो नये एयरपोर्ट बन रहे हैं , वो यूपी के लिये कई वरदान लेकर आ रहे हैं। पहला वरदान - लोगों के समय की बचत , दूसरा वरदान - लोगों की सहूलियत मे , सुविधा में बढ़ोत्तरी , तीसरा वरदान - यूपी के संसाधनों का सही उपयोग , चौथा वरदान - यूपी के सामर्थ्य में वृद्धि और पांचवा वरदान - यूपी में चौतरफा समृद्धि। यूपी का यह एक्सप्रेस वे पूर्वी और पश्चिम यूपी को ही साथ नहीं लायेगा बल्कि दिल्ली से बिहार जाने की दूरी भी कम कर देगा और एक जगह से दूसरे जगह जाने में ट्रेफिक जाम नहीं मिलेगा। पीएम ने आखिरी में एक नया नारा- यूपी+योगी बहुत है उपयोगी का नारा देते हुये भारत माता की जय के नारे लगाकर अपनी वाणी को विराम दिया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तरप्रदेश के ऐतिहासिक सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने बरेली के त्रिशूल एयरबेस पहुंचे , जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद यहां से हेलिकॉप्टर से रोजा रेल्वे मैदान पहुंचकर सीएम योगी के साथ परियोजनाओं के माडल का अवलोकन किया। फिर गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित भी किया।गंगा एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास के मौके पर पीएम मोदी सबसे पहले मंच पर आकर सीएम योगी समेत कैबिनेट के मंत्रियों से मुलाकात की। उन्होंने मंच से ही शाहजहांपुर और उत्तरप्रदेश की जनता का अभिभादन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने मंच से गीत गाकर लोगों का आवाहन ,अभिवादन करते हुये कहा, 'हम आये हैं अपराध से यूपी निकाल के, इस क्षेत्र को रखना मेरे मित्रों संभाल के..। इस दौरान लघु फिल्म गति शक्ति का प्रसारण कर इसके बारे में लोगों को जानकारी दी गयी। बताते चलें रुहेलखंड का बरेली मंडल और अवध भाजपा का मजबूत गढ़ है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बरेली मंडल के बरेली , पीलीभीत , बदायूं और शाहजहांपुर की 25 में 23 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जीत का परचम लहराया था। केवल शाहजहांपुर की जलालाबाद और बदायूं की सहसवान सीट पर ही समाजवादी पार्टी जीत हासिल कर सकी थी। पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद दूसरी बार शाहजहांपुर पहुंचे , इसके पहले वे वर्ष 2018 में किसान कल्याण रैली को संबोधित करने आये थे।
एक नजर गंगा एक्सप्रेस-वे पर
यह एक्सप्रेस-वे मेरठ , हापुड़ , बुलंदशहर , अमरोहा , संभल , बदायूं , शाहजहांपुर , हरदोई , उन्नाव , रायबरेली , प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इस पर चलने वाले वाहनों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई है।राज्य सरकार ने गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना की स्वीकृति पिछले साल 26 नवंबर को दी थी। परियोजना के लिये करीब 7386 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। पिछले चार माह में 71621 किसानों से 90 फीसदी से अधिक भूमि खरीदी गई है। अब तक कुल 82750 किसानों से 94 फीसदी भूमि की खरीद हुई है। मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुड़ापुर दांदू गांव तक पहुंचने में बारह जिलों की तीस तहसीलों का क्षेत्र इसमें शामिल होगा। यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों को जोड़ने वाला , उत्तरप्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बन जायेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे पर शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लम्बी हवाई पट्टी भी बनायी जायेगी , जो वायु सेना के विमानों को आपातकालीन उड़ान भरने और उतरने में सहायता प्रदान करेगी। एक्सप्रेस-वे के साथ एक औद्योगिक गलियारा और एक्सप्रेस-वे पर ट्रॉमा सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर कई जगह हेडीपैड्स बनाने की भी योजना है , ताकि वहां से एयर एम्बुलेंस की सुविधा शुरू की जा सके। बताया जा रहा है कि 36,230 करोड़ रुपये की लागत से इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी के अंतर्गत बनाया जायेगा।यह एक्सप्रेस-वे 06 लेन का होगा जिसे बाद में बढ़कर 08 लेन तक किया जा सकेगा। इस एक्सप्रेस-वे परियोजना में लगभग 140 नदी/धारा/नहर/नाला शामिल हैं। इसके अलावा इस एक्सप्रेसवे पर 07 ओवरब्रिज , 14 बड़े पुल , 126 छोटे पुल , 375 अंडरपास , 09 जनसुविधा काम्प्लेक्स , 02 टोल प्लाजा , 75 रैंप टोल प्लाजा ,28 फ्लाईओवर और 946 पुलियों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
इस एक्सप्रेस-वे पर 17 स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी।एक्सप्रेसवे के किनारे 18 लाख 55 हजार पेड़ लगाये जायेंगे। रुहेलखंड और विंध्य इलाके के कम विकसित क्षेत्रों में कृषि , वाणिज्य , पर्यटन और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। यह एक्सप्रेस-वे उत्पादन इकाइयों , विकास केंद्रों और कृषि उत्पादन केंद्रों क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिये औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में मददगार होगा। इसके अलावा शिक्षण , प्रशिक्षण और मेडिकल संस्थान की स्थापना के लिये भी अवसर सुलभ होंगे। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों , भंडारण , कृषि मंडी तथा दूध आधारित उद्योगों की स्थापना में एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे. अनुमान के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण के दौरान लगभग बारह हजार व्यक्तियों को अस्थायी रूप से नियोजित किया जायेगा जबकि टोल प्लाजा के निर्माण से लगभग एक सौ से ज्यादा व्यक्तियों को स्थायी नौकरी मिलेगी। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले लगभग 594 किमी इस लम्बे गंगा एक्सप्रेस वे का काम वर्ष 2024 के अंत तक पूरा हो जायेगा। इसके लिये उत्तरप्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने जमीनों के बैनामे कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है।

















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.