मसीही समाज दमोह के वरिष्ठ नागरिकों का क्रिसमस कार्यक्रम संपन्न
दमोह। क्रिश्चियन समाज दमोह के वृद्ध सदस्यों के लिए डॉ. विर्वत एवं श्रीमती नीलम लाल के नेतृत्व में चर्च पंचायत दमोह द्वारा क्रिसमस पर्व के उपलक्ष्य में दमोंह में माह भर चलने वाले क्रिसमस कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में क्रिश्चियन समाज के वरिष्ठ सदस्यों जिनकी आयु 55 वर्ष से 92 वर्ष के मध्य थी, सभी ने उत्साह पूर्वक क्रिसमस के गीतों को गया। इवैंजलिस्टिक टीम ऑफ एम.आई.सी.एस. ने इन गीतों के गाने में सभी वरिष्ठ सदस्यों का साथ दिया। श्रीमती नीलम लाल ने अपने उद्बोधन में उपस्थित सभी वरिष्ठ सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
उनके जीवनों के लिए तथा उनकी अगुवाई एवं निर्देशन जो पूरे समाज पर बना रहा तथा इन वरिष्ठजनों के नेतृत्व से मसीही समाज को नगर में सम्मान मिला है, उन्होंने सभी उपस्थितों को इस क्रिसमस के पर्व पर शुभकामना देते हुये परमेश्वर से इन्हें और दीर्घायु प्रदान करने की कामना की।
कार्यक्रम में डॉ. श्रीमती डॉली लाल के अलावा आर.डी. लाल, डॉ. श्रीमती षीला लाल, डॉ., डॉ. अर्नेस्ट एवं नम्रता मैकफारलैण्ड, शानित लाल एवं लय स्टेनली लाल उपस्थित रहे। डॉ. विवर्त एवं नीलम लाल के आग्रह पर मसीही समाज के सभी वरिष्ठ नागरिकों को प्रभु यीषु मसीह के जन्मदिन की खुषी में उपहार प्रदान किये। सभी वरिष्ठ नागरिकों ने डॉ. विवर्त लाल एवं श्रीमती नीलम लाल को वर्ष भर समाज के बुजुर्ग सदस्यों के बीच इस सेवा कार्य को नियमित रूप से संचालित करने के लिए धन्यवाद के साथ साथ अपना आषीर्वाद भी प्रदान किया।
डॉ. विवर्त लाल के पुत्र लय स्टेनली लाल जो मेडीकल के छात्र हैं एवं एम.बी.बी.एस. पढ़ रहे हैं, ने वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य को किस प्रकार से समय समय पर मानीटर किया जाना चाहिए एवं मौसम के अनुरूप किस प्रकार की सावधानियां बरतना चाहिए एवं उनके लक्षण क्या होते हैं जिन्हें समय पर समझा जाना चाहिए, की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ सदस्य अरूण प्रकाष लाल ने परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की। सभी उपस्थितों ने क्रिसमस की भावना पर आधारित गीतों को गाकर प्रभु यीशु मसीह की वंदना की। इस अवसर पर डॉ. विवर्त लाल ने बाईबिल पर आधारित अपने प्रवचन के द्वारा समाज के वरिष्ठ सदस्यों को प्रोत्साहित करते हुये कहा वर्तमान में हमारे क्रिसमस मनाने एवं तैयारी करने का उद्देष्य नई खरीददारी, घरों का रंगगोगन एवं साफसफाइ के साथ, सजावट करना हो गया है, जबकि क्रिसमस का मतलब अपने जीवनों में प्रभु यीषु का जन्म हो सके उसके लिए अपने शरीर एवं अपनी आत्मा की तैयारी करना ज्यादा आवष्यक है। हम इस दिषा में सोचते ही नहीं हैं, वर्तमान परिस्थितयों में हम जिस प्रकार के अवसाद एवं डर का सामना कर रहे हैं, उनमें परमात्मा से हमारे संबंध मजबूत एवं दृढ़ रहने की आवष्यकता है। यही हमारी प्राथमिकता होना चाहित तभी प्रभु यीषु मसीह के जन्म की सार्थकता होगी एवं हमारे लिए खुषी एवं उमंग का समय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समाज एवं परिवार में वरिष्ठ सदस्यों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसे नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता। एम.आई.सी.एस. की संगीत टीम के द्वारा विशेष गीत प्रस्तुत किये गये। बीते वर्षों में अब तक मसीही समाज में मृत्यु को प्राप्त सदस्यों को श्रृद्धांजली दी गई। डॉ. अर्नेस्ट मैकफारलैण्ड के द्वारा कार्यक्रम के समापन की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में मसीही समाज की चर्च पंचायत के सदस्य एवं विषेष आमंत्रितों ने उपस्थित होकर उक्त कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।

















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