सच्चा आदिवासी शोषण, अत्याचार, अन्याय सहन नहीं करता - विक्रम ध्रुवे।
दल्लीराजहरा (बालोद):-चिखलाकसा में 23वे शक्ति दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय हल्बा हल्बी समाज के लोगों ने बाजे गाजे के साथ, भव्य प्रभातफेरी व कलशयात्रा निकाली गई जिसमें ग्रामीणों के साथ बच्चों ने भाग लिया, लोगों ने मुख्य अतिथियों का स्वागत कर गली भ्रमण कराते हुए मंच तक ले गए तत्पश्चात मुख्यअतिथि विक्रम ध्रुवे द्वारा ध्वजारोहण एवं पुजा अर्चना किया गया ।
मुख्य अतिथिध्रुवे ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी शहिदों की वीरता का लंबा इतिहास रहा है ,जहाँ पर भी अत्याचार अन्याय शोषण हुवा है वहां वहां पर एक शहीद गैंद सिंह पैदा होता है, इसलिय दोस्तो अपनी एकजुटता को पहचानो एव आदिवासी समाज की एकजुटता के साथ आने वाली पीढ़ी को खुला आसमान देना होगा । विक्रम धुर्वे ने आदिवासी समाज को शक्ति दिवस की बधाई व शुभकामनाये अभी सच्चा आदिवासी कभी अन्याय, अत्याचार ,शोषण सहन नहीं करता है ।
उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष से निवेदन किया कि हल्बा समाज मे बाउंड्रीवाल की अति आवश्यकता है अपने निधि से घोषणा करने का निवेदन किया इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर पंचायत अध्यक्ष भिखी मसिया ने अपने उध्बोधन में कहा कि शक्ती कौन है शक्ती एक माता है और आज के परिवेश में मेरे सामने जो मातृ सकती बैठे है वही शक्ति है आपका समर्पण और आपके संकल्प से ही आदिवासी समाज नई बुलन्दियों को छुवेगा। नगर पंचायत अध्यक्ष की भीखी मसिया ने अपने उदबोधन में हल्बा समाज के बाउंड्रीवाल अपनी निधि से बनाने की घोषणा की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में कृतन खरांसु , मंजिता ठाकुर, हितेश्वरी कोठारी, बोधन गौर, सुशीला जामडे , बुधारू घरत , ख़िलानंद उर्वसा, विस्नु उर्वसा, पुरषोत्तम रावते, बलत खरांशु ,राजू रावटे तिहरु आर्या,घनाराम साहू,कुन्ती देवांगन, तीजऊ रावटे, आशो बाई एवं आदि लोग उपस्थित थे।
CNI News दल्ली राजहरा से प्रदीप सहारे

















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