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Wednesday, January 12, 2022

फसल क्षति की सूचना बीमा कंपनी के ट्रोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर दे सकते हैं किसान - प्रधानमंत्री फसल बीमां योजनांतर्गत प्रभावित बीमित कृषक ले सकते हैं लाभ

 फसल क्षति की सूचना बीमा कंपनी के ट्रोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर दे सकते हैं किसान


- प्रधानमंत्री फसल बीमां योजनांतर्गत प्रभावित बीमित कृषक ले सकते हैं लाभ



सी एन आई न्यूज साल्हेवारा से चन्द्रभूषण यदु की रिपोर्ट।


 जिले में कृषकों द्वारा रबी मौसम में कुल 171000 हेक्टेयर रकबे में फसल ली गई है। विगत दिनों से जिले में पश्चिमी विक्षोभ के कारण असमायिक वर्षा हो रही है। जिसके कारण फसलों को क्षति होने की संभावना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अधिसूचित ग्राम के अधिसूचित फसल गेहूं सिंचित, गेहूं असिंचित, चना एवं अलसी फसलों को नुकसान होने की स्थिति में बीमित किसान को दावा भुगतान का प्रावधान है। जिसके तहत बीमित किसान को फसल नुकसान की सूचना बीमा कंपनी, कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं बैंक को घटना के 72 घंटे के भीतर दिया जाना अति आवश्यक है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष रबी फसलों में अधिक बीमा आवरण किसानों को शामिल किया गया है। इस रबी वर्ष कुल 9 हजार 767 किसानों ने 1 लाख 26 हजार 490 हेक्टेयर का बीमा किया है। फसल क्षति की सूचना उपरांत बीमित कृषकों में से प्रभावित कृषक योजना के तहत प्रावधानानुसार लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत कंडिका क्रमांक-13-(ख) स्थानीय आपदाओं की स्थिति में -

स्थानीय जोखिम ओला वृष्अि, जल प्लावन, बादल का फटना, प्राकृतिक आकाशीय बिजली से अधिसूचित फसल में नुकसान होने की स्थिति में व्यक्तिगत बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति दिये जाने का प्रावधान है। यदि किसी प्रभावित अधिसूचित इकाई में 25 प्रतिशत से अधिक हानि होती है, तो उन सभी प्रभावित बीमित कृषकों के नुकसान की जांच कर नियमानुसार क्षतिपूर्ति हेतु पात्र घोषित की जाएगी। कृषक इसकी सूचना क्रियान्वयन बीमा कंपनी को सीधे टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर या लिखित रूप से अथवा स्थानीय राजस्व, कृषि  अधिकारी, संबंधित बैंक अथवा जिला कृषि पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी को लिखित रूप से निर्धारित समय-सीमा 72 घंटे के भीतर बीमित फसल के ब्योरे क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित सूचित करना होगा। विकासखंड स्तरीय कृषि, राजस्व विभाग के अधिकारी एवं बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि द्वारा फसल क्षति का आकलन करेंगे। इस घटक के अंतर्गत अधिकतम देय सहायता बीमित राशि के अध्याधीन प्रभावित क्षेत्र की आपदा घटित होने तक फसल की कास्त लागतं के अनुपात में होगी। यदि फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर अधिसूचित क्षेत्र में दावा भुगतान स्थानीय क्षति पूर्ति से अधिक निर्धारित होता है, तो दोनों में से जो भी दावा अधिक होगा, बीमित कृषक को देय होगा।

उप संचालक कृषि श्री जीएस ध्रुवे ने किसानों ने फसल क्षति की सूचना क्रियान्वित एग्रीकल्चर इश्योरेंस बीमा कंपनी को सीधे टोल फ्री नम्बर 1800-419-0344 या राजस्व, कृषि, संबंधित बैंक को लिखित रूप से या क्रॉप इंश्योरेंस एप के माध्यम से निर्धारित समय सीमा 72 घंटे के भीतर बीमित फसल के ब्योरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित सूचित करने की अपील की है।

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