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Thursday, January 20, 2022

निजी नर्सिंग होम/अस्पताल में सेवा देने वाले शासकीय चिकित्सकों एवं कर्मचारियों पर होगी कार्यवाही

 निजी नर्सिंग होम/अस्पताल में सेवा देने वाले शासकीय चिकित्सकों एवं कर्मचारियों पर होगी कार्यवाही



     बालाघाट।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम एवं अस्पतालों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपनी संस्था में किसी भी शासकीय सेवा में पदस्थ विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों की किसी भी प्रकार की सेवाएं न लें अन्यथा मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जायेगी।


     मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम के अनुसार उपचर्या गृह रखने वाला एवं उसका स्वामी, किसी सरकारी सेवक को उसके द्वारा राज्य सरकार से इस निमित्त प्राप्त की गई स्पष्ट अनुमति के बिना उपचर्या गृह में किसी भी कार्य, जिसमें परामर्श भी सम्मिलित है, के लिये नहीं रखेगा या लगाएगा और जहां सरकारी सेवक को इस प्रकार उपचर्या गृह में लगाया या रखा जाता है, तो उपचर्या गृह रखने वाला या उसका स्वामी पूर्णकालिक या अंशकालिक आधार पर रखे या लगाए गए, ऐसे सरकारी सेवक के कार्य पर रखे या लगाये जाने से संबंधित ब्यौरे उसको उपचर्या गृह द्वारा दी जा रही परिलब्धियों के साथ पर्यवेक्षी प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा।


     निजी नर्सिंग होम/अस्पतालों द्वारा अधिनियम के अधीन पंजीयन के समय इस आशय का घोषणा-पत्र भी आवेदन के साथ प्रस्तुत किया जाता है किन्तु यह संज्ञान में आया है कि जिले के कतिपय निजी नर्सिंग होम/अस्पतालों द्वारा शासकीय सेवा में पदस्थ विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों की अंशकालिक सेवाएं अपने नर्सिंग होम/अस्पताल में ली जा रही है, जो कि मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 का स्पष्ट उल्लंघन है।


     निजी नर्सिंग होम/अस्पतालों द्वारा शासकीय सेवा में पदस्थ विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों की ली जा रही सेवाओं की पुष्टि के लिये विभाग द्वारा दल का गठन कर दिया गया है, जो कि यथाशीघ्र निजी नर्सिंग होम/अस्पतालों में उपस्थित होकर आवश्यक अभिलेखों एवं सी.सी.टी.व्ही.फुटेज का अवलोकन करेगा । किसी निजी संस्था में किसी भी शासकीय सेवा में पदस्थ विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों की सेवाएं लिये जाने की पुष्टि होने पर उस संस्था को प्रदत्त नर्सिंग होम पंजीयन/अनुज्ञप्ति निरस्त कर संस्था को बंद कर दिया जावेगा । अतः निजी नर्सिंग होम एवं अस्पतालों के संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी संस्था में किसी भी शासकीय सेवा में पदस्थ विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों की किसी भी प्रकार की सेवाएं न लें अन्यथा अधिनियम के अधीन कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

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