बिरसा स्वास्थ्य केंद्र बना विवादों का केंद्र
बालाघाट / बिरसा।कहने को तो स्वास्थ्य केंद्र में आमजन अपनी तकलीफ लेकर जाते है और स्वास्थ्य लाभ लेकर घर आते हैं लेकिन बिरसा स्वास्थ्य केंद्र में इसका उल्टा हो रहा है।मरीज ठीक होने के लिए जाता जरूर है पर वहां पहुंच कर और ज्यादा बीमार हो जाता है क्योंकि बिरसा स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों अव्यवस्थाओ का बोलबाला चरम पर है।
*सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंदगी का अंबार*
स्वास्थ्य केंद्र के अंदर और बाहर गंदगी का अंबार होने से मरीज केंद्र में जाकर और ज्यादा बीमार हो जाते हैं।शौचालय की स्थिति देखकर कोई भी बता सकता है कि केंद्र में कितनी साफ सफाई होती है।मरीजो के लिए लगा बेड का बिस्तर कई दिनों तक धोया नही जाता है।स्वास्थ्य केन्द्र के फर्श पर पोछा तो लगाया जाता है लेकिन बिना किसी कीटाणु नाशक के पोछा लगाने का क्या मतलब?जो साफ तो दिखता है पर स्वच्छ नही होता है।
*पोषण आहार में भारी अनियमितता*
बिरसा स्वास्थ्य केंद्र में विगत कई वर्षों से पोषण आहार का वितरण स्थानीय निवासी के द्वारा किया जा रहा है जो गुडवत्ता विहीन के साथ कम मात्रा में किया जा रहा है जिसको स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ है।स्थानीय लोगो ने मांग किया है कि पोषण आहार का वितरण महिला समूहों के द्वारा किया जाय जिससे हर स्वास्थ्य केंद्र में अलग अलग समूह के द्वारा पोषण आहार का वितरण करवाया जाय जिससे महिलाओं को रोजगार और व्यवस्था में सुधार आएगा।
*महिला चिकित्सक का पद रिक्त*
विगत कई वर्षो से स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक का पद रिक्त है जिससे क्षेत्र की माता बहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।क्षेत्र की जनता इसकी वजह से या तो निजी चिकित्सालय में जाकर लुटे जाते है या जिला चिकित्सालय पहुंचते पहुंचते बहुत देर हो जाती है।आदिवासी बहुल बिरसा में महिला चिकित्सक का न होना किसी श्रॉफ से कम नही है।क्षेत्र की जनता ने मांग किया है कि जल्द से जल्द महिला चिकित्सक और स्वास्थ्य केंद्र में हो रही अव्यवस्थाओ को दूर किया जाय अन्यथा जनता आंदोलन करने पर बाध्य होगी,जिसकी जबाबदेही प्रशासन की होगी।

















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