रश्मिदेवी महाविद्यालय में युवा दिवस पर हुए विभिन्न आयोजन
खैरागढ़ | रानी रश्मिदेवी सिंह शासकीय महाविद्यालय में रेडरिबन क्लब द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवा दिवस का आयोजन किया गया । कार्यक्रम केमुख्यअतिथि प्राचार्य डीके बैलेन्द्र ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर दी प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । प्रो जितेन्द्र साखरें ने इस दौरान स्वामी विवेकानंद के जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में होने की जानकारी देतें बताया कि स्वामी जी वेदांत के विख्याता और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरू थें युवाओं से गहरा नाता होनें के साथ समाज सुधारक, दार्शनिक, विचारक थें। प्राचार्य डी के बैलेन्द्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद 25 वर्ष की उम्र में अपने गुरू रामकृष्ण परमहंस से प्रभावित होकर सन्यासी हो गए और गूरू के मार्गदर्शन में विश्व में दार्शनिक और विचारक के रूप में प्रसिद्ध हूए । एनएसएस प्रभारी प्रो सुरेश अडवानी ने कहा कि एनएसएस के प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद ही युवा शक्ति को समाज कल्याण के कार्यों से जोड़नें के लिए एनएसएस निरंतर प्रगतिशील है युवाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी भी प्रो अडवानी ने दी । जेके वैष्णव ने भी अपने उदबोधन में भारतीय धर्म, दर्शन, को विश्व स्तर तक पहुँचानें में स्वामी विवेकानंद के योगदान को रेखांकित किया । कार्यक्रम के दूसरे चरण में युवा दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में रेडरिबन क्लब द्वारा वर्तमान युवा और चुनौतियों विषण पर भाषण प्रतियोगिता, आधुनिक भारत में युवा शक्ति का योगदान विषय पर निबंध प्रतियोगिता सहित पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्रतियोगिता में निर्णायक डा समीक्षा ताम्रकार, उमेन्द्र चंदेल, विजेन्द्र वर्मा, सुरेश अडवानी थें इस दौरान प्रो जीएस भाटिया, सहित महाविद्यालय के छात्रछात्राएँ उपस्थित थें ।
*सीएनआई खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट*

















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.