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Tuesday, February 15, 2022

जीआई टैग मिलने से चिन्नौर की खेती करने वाले किसानों की आय में हो रहा है ईजाफा किसानों के लिए दोगुनी आय का साधन बन गया चिन्नौर धान का उत्पादन


जीआई टैग मिलने से चिन्नौर की खेती करने वाले किसानों की आय में हो रहा है

 ईजाफा किसानों के लिए दोगुनी आय का साधन बन गया चिन्नौर धान का उत्पादन

शिवशंकर पाण्डेयबालाघाट-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, जिसे बालाघाट जिले के चिन्नौर उत्पादक किसानों ने सच कर दिखाया है। बालाघाट जिले के सुप्रसिद्ध चिन्नौर चावल को हाल ही में जी.आई. टैग मिला है, जिसके कारण बालाघाट जिले के चिन्नौर चावल की ख्याति राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। चिन्नौर की चावल की बाजार में बढ़ती मांग के कारण जिले के चिन्नौर उत्पादक कृषकों को उनकी उपज के अच्छे भाव मिल रहे है।


     आज जिले में चिन्नौर धान 5000 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिल रहा है। खरीफ वर्ष 2021 में किसानों को चिन्नौर का प्रति एकड़ 8-10 क्विंटल का औसत उत्पादन मिला। इस प्रकार चिन्नौर की खेती से किसानों को प्रति एकड़ 52000 रुपये की औसतन आय हुई, वहीं मोटे धान का 18 क्विंटल प्रति एकड़ औसत उत्पादन और न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये के हिसाब से प्रति एकड़ 34920 रुपये की आय हुई। चूंकि संकर एवं अन्य धान की उत्पादन लागत की तुलना में प्राकृतिक तरीके से उगाये जा रहे चिन्नौर की उत्पादन लागत कम है, इसलिए चिन्नौर धान की खेती सुरक्षित और मुनाफे वाली साबित हो रही है। वर्तमान में व्यापारियों के अलावा केंद्र पोषित योजना द्वारा गठित वारासिवनी विकासखंड के चिन्नौर वैली एफ.पी.ओ. और लालबर्रा विकासखंड के लालबर्रा चिन्नौर एफ.पी.ओ. भी बड़े स्तर पर चिन्नौर धान की खरीदी कर रहे है।


     अब ये दोनों एफ.पी.ओ. अन्य विकासखंडों के चिन्नौर उत्पादक किसानों से चिन्नौर खरीद रहे है। चिन्नौर वैली एफ.पी.ओ. ने कटंगी, लालबर्रा और बिरसा विकासखंड में जाकर चिन्नौर खरीदी की है, वहीं लालबर्रा चिन्नौर एफ.पी.ओ. ने बालाघाट विकासखंड के किसानों से चिन्नौर खरीदी की है। लालबर्रा चिन्नौर एफ.पी.ओ. द्वारा ग्राम-बोदा के कृषक श्री गजानंद लिल्हारे से 7.34 क्विंटल, और ग्राम-टवेझरी के कृषक श्री विवेकानंद डोंगरे से 9.33 क्विंटल चिन्नौर धान 6000 रुपये के भाव से खरीदी की है। दोनों कृषकों को उनकी चिन्नौर की राशि क्रमश: 44 हजार 40 रुपये एवं 55 हजार 980 रुपये का भुगतान लालबर्रा चिन्नौर एफ.पी.ओ. के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर श्री राधेलाल पटले व श्री ईशुपाल चौहान, सी.ई.ओ. श्री ठानेन्द्र कटरे द्वारा उपसंचालक (कृषि) श्री राजेश खोबरागढे एवं सहायक उपनिरीक्षक मनोज पटले के हस्ते चेक के माध्यम से किया गया है।


     उपसंचालक (कृषि) श्री राजेश खोबरागढे ने बताया कि, आने वाले खरीफ सीजन में जिले में चिन्नौर का रकबा एवं चिन्नौर उत्पादक किसानों की संख्या में वृद्धि होगी। राष्ट्रींय एवं अंतर्राष्ट्री्य बाजार में चिन्नौर की मांग बढने से चिन्नौर उत्पादक किसानों को चिन्नौर का अच्छा भाव मिलेगा और इससे किसानों की आय बढेगी। चिन्नौर उत्पादक किसान एफ.पी.ओ. से जुडकर अच्छे भाव पर चिन्नौर विक्रय को सुनिश्चित कर सकते है। चिन्नौर को जीआई टैग मिलने से किसानों को चिन्नौर का अधिक भुगतान मिल रहा है।

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