अध्यात्म धर्म एवं सत्संग हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग - मंत्री श्री कावरे
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट।आयुष मंत्री श्री रामकिशोर नानो कावरे की प्रमुख उपस्थिति में आज 27 फरवरी को ग्राम बघोली में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय महासत्संग समारोह का शुभारंभ हुआ। महासत्संग समारोह में सर्वधर्म समभाव की भावना को लेकर श्रीमद् भागवत गीता, रामायण, शिव पुराण एवं अन्य आध्यात्मिक धर्म ग्रंथों पर आधारित सत्संग हेतु सतपाल महाराज जी की गुजरात से पधारी शिष्या कथा वाचिका पूजनीय महात्मा सुलेखा बाई जी, पूजनीय महात्मा सुप्रभा बाई जी, पूजनीय महात्मा निखिला बाई जी एवं पूजनीय माता चिंतामणि बाई जी के सानिध्य में आयोजित किया गया है।
महा सत्संग समारोह के शुभारंभ अवसर पर मंत्री श्री कावरे ने सर्वप्रथम व्यासपीठ को नमन अर्पित कर पूजा अर्चना की। धर्म प्रेमी जनता को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कावरे ने कहा कि अध्यात्म धर्म एवं सत्संग हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग है सत्संग से गांव में ज्ञान की गंगा बहेगी और हमें जीवन जीने की शैली तथा मार्गदर्शन प्राप्त होगा। मंत्री श्री कावरे ने जनता से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी वे सत्संग में आए तो घर से छोटी डायरी और पेन लेकर आए यहां से जो भी ज्ञान की बातें उन्हें सुनाई दे उसको नोट करें,। सत्संग आपके जीवन को परिवर्तित कर सकता है।
पूजनीय महात्मा सुलेखा बाई जी ने सत्संग में प्रवचन देते हुए कहा कि धर्म और राजनीति का समन्वय बनाकर जीवन को चलाना चाहिए भगवान श्री कृष्ण ने भी धर्म और राजनीति को साथ में रखकर जीवन जीने का मार्ग बताया है धर्म के विचार से कार्य करें तो भगवान हमारे सभी प्रकार के कार्य सफल और पूर्ण करते हैं हम सब मिलकर कार्य करें तो उस कार्य का लिया हुआ संकल्प सदैव पूर्ण होता है संगठन में बहुत बड़ी शक्ति होती है संगठन में रहकर हम बड़े से बड़ा कार्य सफलतापूर्वक कर सकते हैं।

















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