जिले भर में अवैध रेत,मुरूम परिवहन की कार्यवाही मानों छुरिया चिरचिरी क्षेत्र में नहीं?
राजस्व,खनिज व पुलिस विभाग को जानकारी मिलने पर भी कार्यवाही करने से कतराते नजर आए?
अवैध परिवहन करने वाले को नहीं डर कार्यवाही का अधिकारी भी मौन?
बता दें कि फोन के माध्यम से राजस्व विभाग छुरिया तहसीलदार को अवैध मुरूम परिवहन होने की जानकारी देने पर साफ शब्दों में कहा गया इस बात की जानकारी खनिज विभाग को दें जो एक प्रश्न चिन्ह उत्पन्न करता है वहीं जिसके बाद इस बात की जानकारी एसडीएम हितेश पिस्दा को दिया गया जो दिखवाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं फिर माइनिंग विभाग के टीआई से बात होने पर किसी कारण वश राजनांदगांव में होना बताते हैं आखिर कार अंत में पुलिस विभाग को सुचना देने पर मानो तीनों विभाग मौन की स्थिति में हो जबकि एक विभाग ऐसा होता है जो क्षेत्र में होने वाली हर घटना पर अपनी नजर लगाए हुए रहती है वह पुलिस थाना प्रभारी ने भी बाहर होना बताया लेकिन ऐसा नहीं के अपने पुलिस थाने से किसी अन्य स्टाफ को भेजकर जांच परख कर कार्यवाही करने की बात न कहकर ऐसे अवैध कारोबारियों को बढ़ावा देते हुए दिखाई दिए जबकि विभागों को जानकारी देने के बाद घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई नहीं जांच कर कार्यवाही कर सके मानों इन विभाग के अधिकारी कर्मचारीयों को न आने पहले ही कह दिया हो? क्योंकि जो अवैध खनन कर परिवहन करने वाला व्यक्ति अपने क्षेत्र में एक रसूखदार से कम नहीं जो अमूमन नियम कानून को दरकिनार कर दिन दहाड़े हो या रात के अंधेरे में ऐसे अवैध परिवहन कर सकता है जिसका भरपूर संरक्षण विभाग दे तो समझ सकते हैं कितना दमदार होगा जिससे साफ इन्कार नहीं किया जा सकता कि खनिज, राजस्व व पुलिस विभाग का संरक्षण न हो। आपको बता दें वाहन किसी अग्रवाल बंधु का होना बताया गया जिसको कुछ दिन पूर्व ही डोंगरगढ़ नायाब तहसीलदार ने अग्रवाल बंधु के मकान के पीछे रखे डंप रेत और ईंट पर कार्यवाही किया गया था फिर भी मानों अग्रवाल बंधुओं को शासन प्रशासन का कोई डर नही। और दिन दहाड़े मुरूम का परिवहन करते देखा गया। सुत्र बताते हैं इनके द्वारा जंगल से रेत निकाल कर महाराष्ट्र की ओर खपाया जाता है जिसकी जानकारी बाद डोंगरगढ़ नायाब तहसीलदार ने रेड कार्यवाही करते हुए रेत व ईंट को जप्त किया गया था।

















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