भगवान राष्कृष्ण 18 मार्च को भक्तों के संग होली खेलने निकलेंगे मंदिर से केसरिया रंगों से रंगेगे भक्त एवम भगवान
सुमधुर भजनों के साथ नृत्य करेंगे युवक , बच्चे एवं बुजुर्ग भक्त एवम भगवान का अनेक स्थानों पर श्रद्धालु करेंगे स्वागत सभी भक्तो को पहनाई जावेगी पगड़ी
महेंद्र शर्मा बंटी छत्तीसगढ़ रिपोटर-राजनांदगांव संस्कारधानी नगरी राजनांदगांव में पिछले 31 वर्षों से रंगोत्सव का त्यौहार श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के तत्वावधान में नागरिको की रंगोत्सव समिति द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ भक्ति एवं श्रद्धा पूर्ण मनाया जाता है। फागुन शुक्ल पूर्णिमा को होलिका दहन के पश्चात चैत्र कृष्ण एकम को श्री सत्यनारायण मंदिर में विराजित अखण्डब्रम्हाण्ड नायक भगवान राधाकृष्ण स्वयं अपने भक्तों के साथ रंग खेलने के लिए भव्य रथ पर सवार होकर शहर के प्रमुख मार्गों से निकलते हुए फागुन महोत्सव का आनंद भक्तों को प्रदान करते हैं। ज्ञातव्य है कि भगवान राधाकृष्ण मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होते है, वर्ष में केवल दो दिन फागुन शुक्ल पूर्णिमा को भक्तो के साथ होली खेलने एवम भादवा शुक्ल ग्यारस को डोला में बैठकर जलक्रीड़ा करने ही भगवान मंदिर से निकलते है। इन दो महोत्सव अवसर पर आमजन बिना किसी भेदभाव के अपने आराध्य को स्पर्श करके पूजन , अभिषेक कर सकते है। श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के निवृतमान अध्यक्ष विष्णु लोहिया, अध्यक्ष अशोक लोहिया, सचिव सुरेश अग्रवाल, विधि सलाहकार जुगल किशोर अग्रवाल ने जानकारी दी है कि मंदिर समिति वर्षो से हिंदू संस्कृति के विभिन्न त्योहारों को सार्वजनिक रूप से मनाती आ रही है। इसी तारतम्य में 31 वर्ष पूर्व यह परंपरा नगर के प्रतिष्ठित, सामाजिक कार्यकर्ता एवम मंदिर समिति के स्थाई सदस्य श्रद्धेय स्व. नथमल जी अग्रवाल की प्रेरणा से प्रारंभ की गई थी। यह आयोजन संस्कारधानी नगरी की गरिमा के अनुरूप मनाया जाता है। इस वर्ष 18 मार्च को रंगोत्सव का त्यौहार धूमधाम से मनाए जाने हेतु व्यापक तैयारियां की जा रही है। श्री सत्यनारायण मंदिर समिति की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष रंगोत्सव पर नवीनता लिए भव्य रथ को तैयार किया जावेगा। आयोजन को भव्यता प्रदान करने मंदिर समिति के उत्सव प्रभारीगण राजेश शर्मा, पवन लोहिया, श्याम सुंदर खण्डेलवाल एवम लक्ष्मण लोहिया के साथ ही धर्मशाला व्यवस्था प्रभारी राजेश अग्रवाल को जुम्मेदारी सौंपी गई है। आयोजन प्रभारियों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार श्री सत्यनारायण मंदिर में प्राणप्रतिष्ठित अखंड ब्रह्मांड नायक भगवान राधाकृष्ण रथ के अग्र भाग में विराजित होंगे। भगवान राधाकृष्ण के ऊपर कोई भी भक्त किसी ऊंच-नीच , जाति - धर्म , अमीर - गरीब के भेदभाव के बिना स्वयं अपने हाथों से रंग , गुलाल , जल , प्रसाद इत्यादि का अर्पण कर सकेगा।
श्री सत्यनारायण मंदिर रंगोत्सव समिति की ओर से जानकारी दी गई है कि भगवान राधाकृष्ण की भव्य शोभायात्रा सुबह 9 बजे प्रारम्भ होगी, शोभायात्रा के मार्ग में अनेक भक्तो द्वारा स्वप्रेरणा से अपने आराध्य भगवान राधाकृष्ण एवम उनके ग्वाल - बालो का स्वागत सत्कार ठंडाई, मिष्ठान, शीतल पेय, पेयजल, जलपान, फल इत्यादि से किया जाता है। इस वर्ष अनेक स्थानों पर रंगों के फुहारे से केशरिया रंग की बारिश किये जाने की तैयारियां की जा रही है। शोभायात्रा को भव्यता प्रदान करने सभी भक्तों की एकरूपता को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी सभी भक्तों के लिए विशेष रंगबिरंगी पगड़ी मंगाई जा रही है। रंगोत्सव समिति द्वारा मंदिर के समक्ष रथयात्रा प्रारंभ होने के समय उपस्थित सभी भक्तों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया जावेगा। शोभायात्रा की विशेषता यह होती है कि प्रत्येक भक्त केशरिया रंग में रंगा होता है। रंगोत्सव समिति ने आमजनो से आग्रह किया है कि शोभयात्रा में शामिल भक्तो के ऊपर लाल, गुलाबी एवम केशरिया रंगों एवम गुलाल का प्रयोग करे। संस्कारधानी के सभी प्रमुख भजन मंडलीयो एवम भजन गायको को इस अवसर पर फागुन के भजन गायन के लिए आमंत्रित किया गया है। संस्कारधानी के अनेक भजन मंडलियों एवम गायक कलाकारों से चर्चा कर सहमति प्राप्त कर ली गई है।
रंगोत्सव समिति ने संस्कारधानी नगरी के श्रद्धालु भक्तो से आग्रह किया है कि वृंदावन की होली का वास्तविक आंनद प्राप्त करने शोभायात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करे।
प्रेषक : -
अशोक लोहिया
अध्यक्ष ,
श्री सत्यनारायण मंदिर समिति

















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