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Tuesday, March 1, 2022

अंबाह में अंतिम संस्कार करने में परेशानी : लेन का पुरा गांव में नहीं है श्मशान घाट , खाई में क्रिया कर्म करने के लिए मजबूर ग्रामीण

 अंबाह में अंतिम संस्कार करने में परेशानी : लेन का पुरा गांव में नहीं है श्मशान घाट , खाई में क्रिया कर्म करने के लिए मजबूर ग्रामीण



अम्बाह । जनपद पंचायत अंबाह से दो किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भडौली के गांव लेन का पुरा में आज तक ग्राम पंचायत ने श्मशान घाट का निमार्ण नहीं कराया है । जिसके चलते यहां के लोगों को सर्दी - गर्मी बरसात हर सीजन में मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है । इस गांव में 100 से ज्यादा परिवार रहते है फिर भी इस गांव की और कोई ध्यान नहीं दे रहा है ।


बरसात में तिरपाल लगाकर लोग अंतिम संस्कार करने पर मजबूर है । गांव में सोमवार को शांतिलाल पिता मातादीन ( 48 ) का निधन हो गया था । शांतिलाल के पास व्यक्तिगत खेत न होने के कारण उसके अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को जमीन तलाशने में दिक्कत आई । जिसके बाद घर से 500 मीटर दूर एक खंती ( खाई ) में शांतिलाल का अंतिम संस्कार किया । अंतिम संस्कार के वक्त खंती में उतरते समय ग्रामीणों और परिजनों को हर वक्त शव के गिरने का भय सताता रहा । श्मशान घाट के नाम पर भूमि स्वीकृत इस संबंध मे पंचायत सचिव से बात की तो उन्होंने बताया कि गांव में श्मशान घाट के नाम पर भूमि स्वीकृत तो की गई है , लेकिन अभी तक इसे चिन्हित नहीं किया गया है । जिससे इसका निर्माण कार्य रुका हुआ है ।

खाई में अंतिम संस्कार करना मजबूरी ग्रामीणों का कहना हैं अधिकारियों की उदासीनता और सरपंच - सचिव की मिलीभगत के चलते ग्रामीण लोग अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए भटकने को मजबूर हैं । जिन ग्रामीणों के पास स्वयं का खेत या जगह नहीं है ऐसे ग्रामीणों को अपने परिजनों के शव का अंतिम संस्कार खंती या बंबा में करने को मजबूर है ।

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