निराश्रित बच्चों को गोद लेने समाजसेवी आगे आयें
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट।जिले में निराश्रित अनाथ बालकों के संरक्षण हेतु संचालित स्नेह छाया बालगृह के अधीक्षक सूर्यवंशी सैयाम द्वारा बताया गया की महिला बाल विकास विभाग की समेकित बाल संरक्षण योजना के अंतर्गत 6 से 18 वर्ष के अनाथ निराश्रित बालकों के लिये विगत 10 वर्षो से प्रकृति महिला विकास केन्द्र संस्था द्वारा बालगृह संचालित किया जा रहा हैं।
बालगृह में निराश्रित बालकों को पारिवारिक वातावरण तथा दत्तक ग्रहण हेतु म.प्र. शासन ने नीति बनायी है। जिसमें सभी 18 वर्ष से कम आयु के विधि स्वतंत्र घोषित बच्चों को कारा गाइड़ लाइन के अतंर्गत दत्तक लिया जा सकता हैं। इच्छुक दंपती को ऑनलाइन पंजीयन पश्चात प्राथमिकता क्रम से बच्चा लिया जाता है। मानवता की मिसाल देते हुये गोद लिये बगैर भी इन बच्चों को लाभ दे सकतें है। म.प्र. शासन ने वर्ष 2020 में पालन पोषण देखरेख (फॉस्टरकेयर) तथा बाल प्रायोजन (स्पांसरशिप) योजना के दिशा निर्देश भी जारी किये है, जिसके अतंर्गत समाजसेवी तथा इच्छुक परिवार अल्पावधि 1 वर्ष से लेकर दीर्घ काल के लिये निराश्रित बच्चों को व्यक्तिगत या सामूहिक पालन पोषण देखरेख योजना में संरक्षण दे सकतें है। फॉस्टरकेयर तथा स्पांसरशित योजना में 6 से 18 वर्ष के बच्चों कों ही रखने का विकल्प रहता है।
फॉस्टरकेयर तथा स्पांसरशिप योजना के अतंर्गत बालक के समग्र संरक्षण हेतु म.प्र. शासन से 2000 प्रति माह भी दिये जाने का प्रावधान है। सभी संबंधित विस्तित जानकारी के लिये महिला व बाल विकास विभाग/बालगृह कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। समाजसेवी एवं इच्छुक परिवारों को आगें आकर निराश्रित बच्चों को मुख्यधारा में लाते हुये पारिवारिक वातावरण देना चाहिये।

















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