युक्रेन की सीमा पार कर विभा सहित छात्राएँ पहुँची पोलेंड, पोलैंड सरकार कर रही बेहतर व्यवस्था
पैदल चलनें और बार्डर पार करने के बाद भारत के छात्रछात्राओं को मिल रही बड़ी राहत, परिजनों को भी मिला चैन
जल्द वापसी की उम्मीद
खैरागढ़ । युक्रेन में फंसी खैरागढ़ क्षेत्र की विभा साहू सहित छह छात्राओं ने बमबारी के बीच युक्रेन से सकुशल बाहर निकलकर पोलेंड पहुँच गए है । छात्रा विभा साहू को सकुशल युक्रेन से बाहर निकलने के बाद परिजनों ने भी राहत की सांस ली है । बताया गया कि विभा के साथ भिलाई सहित उड़ीसा की छात्राएँ भी शामिल है । विभा ने बताया कि युक्रेन में रूस की जारी बमबारी के बीच काफी जददोजहद के बीच पैदल चलकर हंगरी के रास्तें पोलैंड पहुँचनें में सफलता मिली है। यहाँ से अब भारत वापसी की प्रक्रिया जारी है ।
पोलेंड सरकार कर रही हर व्यवस्था
विभा साहू बताया कि युक्रेन में बमबारी के बीच लगातार छह दिनों तक बेसमेंट में गुजारनें के बाद आखिरी के दो दिनों में खाने पीनें की दिक्कतें सामने आई थी। खाकिंव शहर के मेंट्रोस्टेशन के बेसमेंट में फंसी इन छात्राओं के लिए वहाँ से निकलना मुश्किल हो गया था। । ऊपर लगातार हो रही बमबारी से पूरा बेसमेंट कांप रहा था। जिसके बाद अनहोनी की डर से छात्राओं ने वहाँ से निकलने हिम्मत दिखाई । बाहर निकलें दस किमी से अधिक पैदल यात्रा कर रेल्वेस्टेशन पहुँचें । जहाँ से ट्रेन से खार्किव से बाहर निकलने में सफल रहे ।विभा नें बताया कि पोलेन्ड बार्डर पर दस्तावेजी कार्यवाही पूरी करने के बाद पोलेन्ड सरकार नें युक्रेन में फंसे छात्रछात्राओं की बेहतर व्यवस्था बनाने में जुटी है। विभा ने बताया कि पोलेंड सरकार नें छात्राओं को किसी बेहतर होटल में ठहराया है सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक खाने की व्यवस्था बनाई है। अब भारत वापसी को लेकर प्रक्रिया तेज है हवाई यात्रा की व्यवस्था होने के बाद वापसी की तैयारी है
युक्रेन में सेना कर रही मारपीट
युक्रेन से बचकर निकलें छात्राओं ने बताया कि युक्रेन से निकलने के बाद वहाँ की सेना छात्रछात्राओं से मारपीट कर रही है। पैदल चल रहे छात्रों सहित रेल्वेस्टेशन में पहुँचें छात्रों के साथ मारपीट की जा रही है। फोन को तोड़ा जा रहा है। छात्राओं को ट्रेन में बैठनें दिया जा रहा है लेकिन छात्रों को रोका जा रहा है। विभा के साथ निकलें सौ से अधिक छात्र पोलैंड पहुँचें है कि नहीं इसकी जानकारी भी नहीं मिल पाई है । विभा ने बताया कि युक्रेन के खार्किव शहर में बमबारी लगातार बढ़ी थी जिससे वहाँ रहनें वालें देश की छात्रछात्राएँ काफी ज्यादा डर गए थें। लेकिन धीरे धीरें अब छात्र हिम्मत कर वहाँ से बार्डर तक पहुँच रहे है । मुसीबतों का सामना करने के बाद भी सभी को वापसी की उम्मीद है ।
*सीएनआई खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट*

















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