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Thursday, March 24, 2022

कलेक्टर ने किया गांगुलपारा, डोंगरमाली एवं कटंगझरी में मत्‍स्य पालन कार्य का निरीक्षण

 कलेक्टर ने किया गांगुलपारा, डोंगरमाली एवं कटंगझरी में मत्‍स्य पालन कार्य का निरीक्षण


(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)

     बालाघाट।कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने आज 23 मार्च को बालाघाट तहसील के अंतर्गत गांगुलपारा, वारासिवनी तहसील के अंतर्गत ग्राम डोंगरमाली एवं लालबर्रा तहसील के अंतर्गत कटंगझरी में मछुआ सहकारी समितियों द्वारा किये जा रहे मत्स्य पालन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान वारासिवनी एसडीएम श्री संदीप सिंह एवं उप संचालक मत्स्योद्योग श्रीमती शशिप्रभा धुर्वे भी मौजूद थी।

     कलेक्टर डॉ मिश्रा आज 23 मार्च को सबसे पहले गांगुलपारा पहुंचे और गांगुलपारा जलाशय में मतस्य पालन करने वाली प्राथमिक मछुआ सहकारी समिति सुरवाही के सदस्यों से चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि सुरवाही की इस समिति में ग्राम गांगुलपारा, टेकाड़ी, सुरवाही, धनसुआ, पिपरटोला एवं अमेड़ा के मछुआरे शामिल है। समिति द्वारा केज कल्चर के माध्यम से गांगुलपारा जलाशय में फंगेशियस मछली का भी पालन किया जा रहा है। समिति के 118 सदस्यों के क्रेडिट कार्ड बनाये गये है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत समिति के मछुआरों को मोटर साईकिल, आईस बाक्स एवं एक पिकअप वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। सुरवाही समिति के मछुआरे ने गांगुलपारा जलाशय के पास बनाये गये लेडिंग सेंटर में एक हेंडपंप की जरूरत है।


     कलेक्टर डॉ मिश्रा ने गांगुलपारा में मछुआरों से चर्चा के दौरान कहा कि मछुआ सहकारी समिति में केवल मछुआ जाति के एवं मछली पकड़ने का कार्य करने वाले आदिवासी समुदाय के लोग ही सदस्य बनें। समिति में जो सदस्य निष्क्रिय हों या कोई काम नहीं करते हों, ऐसे सदस्यों को समिति से हटाकर उनके स्थान पर नये सदस्यों को जोड़ें।

डोंगरमाली समिति झींगा पालन का कर रही है कार्य


     कलेक्टर डॉ मिश्रा वारासिवनी तहसील के ग्राम डोंगरमाली में मत्स्य पालन कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां की समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने बताया कि उनकी समिति में ग्राम डोंगरमाली, चंगेरा एवं पदमपुर के 53 मछुआरे शामिल है। उनकी समिति द्वारा इन तीन ग्रामों के 24 हेक्टेयर जल क्षेत्र वाले तालाबों में मत्स्य पालन के साथ झींगा पालन का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना में इस समिति को आईस बाक्स सुविधा युक्त 11 मोटर साईकिल प्रदान की गई है। समिति द्वारा चालू सीजन में 04 से 05 क्विंटल झींगा का उत्पादन किया जा चुका है और 10 क्विंटल झींगा का और उत्पादन होने का अनुमान है।


     समिति के अध्यक्ष श्री ईश्वरदयाल उके ने बताया कि उनके द्वारा आंध्रप्रदेश से झींगा का बीज मंगाया जाता है, जो प्रति नग 03 रुपये के लगभग पड़ता है। 07 से 08 माह में झींगा की फसल तैयार हो जाती है। झींगा की बहुत मांग है और तालाब पर ही 700 से 800 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक जाता है। झींगा की बहुत अधिक मांग है और सनकी समिति को हर दिन आर्डर मिलते है। झींगा क्रय करने के लिए उनके मोबाईल नंबर 9098603775 पर सम्पर्क किया जा सकता है।


     कलेक्टर डॉ मिश्रा ने डोंगरमाली समिति द्वारा मतस्य पालन के साथ किये जा रहे झींगा पालन कार्य की सराहना की और कहा कि मनरेगा के अंतर्गत बने मीनाक्षी तालाबों में झींगा पालन को प्रोत्साहित किया जाये। झींगा से कम समय में अच्छी खासी आय अर्जित की जा सकती है। डोंगरमाली समिति इसका एक अच्छा उदाहरण है। कलेक्टर डॉ मिश्रा ने ग्राम पंचायत भवन में मछुआरों एवं ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना। मछुआ समिति के सदस्यों द्वारा बताया गया कि उनकी खाद्यान्न पर्ची नहीं बनने के कारण उन्हें खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। इस दौरान ग्राम प्रधान द्वारा बताया गया कि डोंगरमाली के बाजार स्थल से अतिक्रमण को हटाने और वहां पर अतिक्रमण कर बैठे लोगों को आबादी की भूमि का पट्टा प्रदान करने की जरूरत है। ग्राम प्रधान द्वारा बताया गया कि मनरेगा के कुछ कार्यो का भुगतान लंबित है। जरूरतमंद लोगों के आधार कार्ड बनाने के लिए गांव में स्वान नेटवर्क की जरूरत है। कलेक्टर डॉ मिश्रा ने इस दौरान ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधान से कहा कि उनके द्वारा जो कुछ भी समस्या बताई गई है उनका शीघ्र समाधान किया जायेगा।

     कलेक्टर डॉ मिश्रा डोंगरमाली के बाद लालबर्रा तहसील के ग्राम कटंगझरी पहुंचे और वहां के तालाब में मत्स्य पालन के कार्य को देखा। इस दौरान उन्होंने मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों से चर्चा की और उन्हें मत्स्योद्योग विभाग से प्राप्त सुविधाओं की जानकारी ली। कटंगझरी के बाद कलेक्टर डॉ मिश्रा ने मत्स्य बीज प्रक्षेत्र मुरझड़ का निरीक्षण किया और वहां पर मत्स्य बीज उत्पादन के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

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