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Friday, April 1, 2022

अधिकारियों के हस्तक्षेप से एक दिन शव घर मे रखने के बाद किया अंतिम संस्कार


अधिकारियों के हस्तक्षेप से एक दिन शव घर मे रखने के बाद किया अंतिम संस्कार

(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)

बालाघाट।आपसी विवाद के चलते एक परिवार को शव के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन की मदद लेनी पड़ी तब जाकर वृद्ध का अंतिम संस्कार किया गया।जीते जी आवागमन के लिए रास्ता नहीं मिल पाया। वहीं मरने के बाद भी रास्ता नहीं मिला। इधर, सुबह से लेकर शाम तक परिजनों ने शव को अपने ही घर में रखा। पिता की मौत के बाद दाह संस्कार के लिए घर से शव को बाहर निकालने बेटा प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाता रहा। लेकिन मामला शाम तक सुलझ नहीं पाया। यह अजीब मामला नगर मुख्यालय के वार्ड क्रमांक ८ का है।

जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक ८ बिंझवार मोहल्ला निवासी भाऊराव अमुलकर की ३१ मार्च को सुबह करीब ६ बजे मौत हो गई। मौत होने के बाद भी उसका दाह संस्कार इसलिए नहीं हो पा रहा है कि घर -आंगन से शव निकालने के लिए रास्ता नहीं है। परिजनों द्वारा शव के दाह संस्कार के लिए प्रयास तो किया गया, लेकिन शव को घर-आंगन से बाहर निकालने के लिए रास्ता नहीं मिल पा रहा है। इधर, पिता के दाह संस्कार के लिए उनका बेटा राकेश अमुलकर ने पुलिस, तहसील कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर भी लगाए हैं। ताकि प्रशासनिक स्तर पर कुछ रास्ता निकल आए। लेकिन देर शाम तक समस्या का हल नहीं निकल पाया था। वहीं दूसरी ओर मामले की जानकारी मिलते ही अपर कलेक्टर शिवगोविंद मरकाम और पुलिस बल भी मौके पर पहुंचे थे। वक्त की नजाकत को देखते हुए उन्होंने समस्या का समाधान करने का प्रयास किया, लेकिन नतीजा सिफर रहा।

ये है मामला

जानकारी के अनुसार यहां पर जमीन का विवाद चल रहा है और इस विवाद के चलते भाऊराव अमुलकर के एक पड़ोसी परिवार ने उनके घर के मुख्य दरवाजे से सटाकर आसपास बाउंड्री वाल खींच कर रास्ता बंद कर दिया है। रास्ता बंद होने पर दूसरा पड़ोसी परिवार शिवलाल, जिसने अपने घर के भीतर से भाऊराव अमुलकर के परिवार को आवागमन की सुविधा दी थी। गुरुवार को भाऊराव की मौत होने के बाद शिवलाल ने भी अपने घर के भीतर से शव निकालने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। इसके चलते गुरुवार को भाऊ राव का शव घर में ही कैद होकर रह गया। जबकि भाऊराव की मौत की सूचना पर तमाम रिश्तेदार सहित सभी लोग दाह संस्कार के लिए एकत्रित हो गए हैं। लेकिन रास्ता नहीं मिल पाने की वजह से दाह संस्कार नहीं हो पाया है। फिलहाल यह मामला पुलिस ने संज्ञान में लिया है। लेकिन रास्ते का विवाद अभी अटका हुआ है। जिसके कारण दाह संस्कार का कार्यक्रम अब तक नहीं हो सका है।

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