मध्य प्रदेश राजनीति सिवनी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं ने आज किया चक्काजाम, कल से क्रमिक भूख हड़ताल पर
सीएन आई न्यूज सिवनी म.प्र.से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट
सिवनी। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय मुख्य मार्ग आंबेडकर चौक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका हड़ताल पर बैठी हैं। हड़ताल का आज 33 वां दिन है। हड़ताल के 33 वे दिन सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं ने कलेक्ट्रेट कचहरी चौक पर चक्का जाम कर उग्र आंदोलन किया। वहीं मंगलवार को क्रमिक भूख हड़ताल किए जाने की बात आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के संगठन से जुड़ी अध्यक्ष, सचिव पदाधिकारियों ने बताई।
अपनी 17 सूत्रीय मांगों में उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2018 से पंद्रह ₹100 बढ़े हुए मानदेय का बकाया एरियर प्रति कार्यकर्ता को लगभग 60000 व सहायिका को 750 रुपये के भाव से 30 हजार रुपए दिया जाए।
मध्य प्रदेश बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संगठन भोपाल (सिवनी) की अध्यक्ष मोहनी सनोडिया, सचिव रामपुरी उइके, ब्लॉक अध्यक्ष केवलारी इंदु मिश्रा, कुरई ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पा गोंगे, सिवनी के ब्लॉक अध्यक्ष उर्मिला कुर्मी, लखनादौन ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमारी आघासे, घंसौर की ब्लॉक अध्यक्ष सरोज शर्मा आदि ने बताया कि सभी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की सेवा को नियमित कर राज्य शासन का कर्मचारी घोषित किया जाए। वेतन कार्यकर्ता को 25 हजार रुपये व सहायिका को 20 हजार रुपए किया जाए। रिटायरमेंट पर कार्यकर्ताओं को 5 लाख और सहायिका को 3 लाख रुपए दिया जाए। कोरोना काल की प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपए दी जाए। मिनी कार्यकर्ता को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनाया जाए और भविष्य में केवल सहायिका कार्यकर्ताओं की भर्ती की जाए।
माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से मानदेय की जगह पर वेतन दिया जाए। व कार्यालय से आई एस आई एस व्यवस्था से वेतन नियमित आश्रित किया जाए। वरीयता के आधार पर कार्यकर्ता से सुपरवाइजर सहायिका से कार्यकर्ताओं के पद पर पदोन्नति दी जाए। सभी केंद्रों के लिए सर्व सुविधा युक्त भवन बनाए जाएं। अच्छी गुणवत्ता का जब तक मोबाइल व उसके डाटा के लिए पर्याप्त राशि सभी कार्यकर्ता को नहीं दी जाएगी जब तक किसी प्रकार के विभागीय कार्य मोबाइल से नहीं किया जाएगा।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला बाल विकास के कार्य करते हुए पूरा समय व्यतीत हो जाता इसलिए अन्य विभागों के कार्य ना करवाया जाए। मोबाइल पर कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाए। मध्य प्रदेश हिंदी भाषी राज्य है इसलिए सभी कार्य हिंदी में लिए जाएं। कार्यकर्ताओं के निजी मोबाइल फोन पर कार्य करने का किसी प्रकार का दबाव किसी स्तर पर नहीं बनाया जाए। कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक माह में एक बार केवल सेक्टर मुख्यालय पर बुलाई जाए। साप्ताहिक पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाए। सभी कर्मचारियों की देय सभी सामान्य व्यक्तियों का अवकाश केंद्रों में लागू किया जाए। 13 दिन का आकस्मिक अवकाश और 3 दिन का एक्छिक अवकाश दिया जाए। बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्य पर कार्यकर्ता, सहायिकाओं की सेवा समाप्ति ना की जाए। कोविड-19 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की वैक्सीन का कार्य कराया जाता है उसके उपरांत भी विभाग द्वारा केंद्रों का निरीक्षण कर मानदेय काटा जाता है एवं सेवा समाप्त की जाती है। यह कृत्य तुरंत बंद किया जाए।


















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