कोरोना की वर्तमान स्थिति हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ की निगरानी में है - पीएम मोदी
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली - कोरोना काल में जिस तरह केंद्र और राज्यों ने मिलकर काम किया , उसने कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई में अहम भूमिका निभायी है। ये स्पष्ट है कि कोरोना की चुनौती अभी पूरी तरह टली नहीं है।ओमिक्रोन और उसके सब वैरिएंट्स किस तरह गम्भीर परिस्थिति पैदा कर सकते हैं , ये यूरोप के देशों में हम देख सकते हैं। संक्रमण को शुरुआत में ही रोकना हमारी प्राथमिकता पहले भी थी, आज भी यही रहना चाहिये।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश में कोरोना संक्रमण के चौथी लहर के आशंकाओं के बीच सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आयोजित बैठक में कही। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा बीते दो वर्षों में कोरोना को लेकर ये हमारी चौबीसवीं मीटिंग है। हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ नेशनल और ग्लोबल स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनके सुझावों पर सामूहिक दृष्टिकोण के साथ हमें काम करना होगा। उन्होंने आगे कहा हमारे देश में लम्बे समय के बाद स्कूल खुले हैं , ऐसे में कोरोना केस के बढ़ने से कहीं ना कहीं अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है , बच्चों के संक्रमित होने की खबरें सामने आ रही है। लेकिन संतोष की बात है कि बच्चों को वैक्सीन का कवच मिल रहा है। कल ही छह से बारह साल तक के बच्चों के लिये कोरोना टीकाकरण की अनुमति मिल गई है। पहले की तरह स्कूल में विशेष अभियान चलाने की जरूरत होगी। प्रधानमंत्री ने कहा दो साल के भीतर देश ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ऑक्सीजन तक सुधार किया है।आज कोरोना की जो स्थिति है ,
उसमें यह जरूरी है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों का आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर किया जाये और पॉजिटिव आने वाले मरीजों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिये जरूर भेजे जायें। पीएम ने कहा यह सुनिश्चित करें किसान जनता में पैनिक ना फैले , हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का काम चलता रहना चाहिये। सारी सुविधायें संचालित स्थिति में हों , यह भी सुनिश्चित करें। अगर कहीं कोई समस्या है , उसे उच्च स्तर पर सुलझाया जाये। पीएम मोदी ने कहा वैश्विक संकट के बीच तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। आज की वैश्विक परिस्थितियों में केंद्र और राज्य सरकारों का तालमेल , सामंजस्य पहले से अधिक आवश्यक है। युद्ध की परिस्थिति से सप्लाई चैन प्रभावित हुई है , ऐसे माहौल में दिनों-दिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने कहा पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमत का बोझ कम करने के लिये केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पिछले नवंबर में कमी की थी। राज्यों से भी आग्रह किया गया था कि वो अपने यहां टैक्स कम करें। कुछ राज्यों ने तो अपने यहां टैक्स कम कर दिया , लेकिन कुछ राज्यों ने अपने लोगों को इसका लाभ नहीं दिया गया। मेरा आग्रह है कि देशहित में राज्य भी टैक्स कम करेंगे तो जनता को फायदा होगा। पीएम मोदी ने गैर-भाजपा शासित राज्य - तमिलनाडु , महाराष्ट्र , पश्चिम बंगाल , तेलंगाना , झारखंड , केरल और आंध्रप्रदेश का बाकायदा नाम लेकर पेट्रोलियम पदार्थ पर लगाये जाने वाले कर में कटौती की बात कही।


















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