जलाभिषेक अभियान के अन्तर्गत टवेझरी में जिला स्तरीय जल संसद कार्यक्रम का हुआ आयोजन
अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए जल संरक्षण का कार्य करें---मंत्री श्री कावरे
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट।मध्यप्रदेश शासन के आयुष मंत्री श्री रामकिशोर “नानो” कावरे के मुख्य आतिथ्य में 11 अप्रैल को बालाघाट विकासखंड के ग्राम टवेझरी में जिला स्तरीय जल संसद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रभ् पूरनलाल ठाकरे, कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार, एसडीएम श्री के सी बोपचे, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गायत्री कुमार सारथी, तहसीलदार श्री रामबाबू देवांगन, उप संचालक कृषि श्री राजेश खोब्रागढ़े, सहायक संचालक उद्यान श्री सी बी देशमुख, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मनीषा लुंबा, आजीविका मिशन के जिला परियोजना समन्वयक श्री ओमप्रकाश बेदुआ, ग्राम प्रधान श्री कुलदीप निकोसे, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री कुलदीप सिंह ठाकुर, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन के साथ किया गया। इस अवसर मंत्री कावरे ने मंझारा टोला में 14 लाख 70 हजार रुपये की लागत से बनने वाले अमृत सरोवर के लिए भूमिपूजन भी किया । मंत्री श्री कावरे ने कहा कि तालाब का निर्माण वर्षा ऋतु के पहले पूर्ण कर लिया जाये।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुष मंत्री श्री रामकिशोर “नानो” कावरे ने इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पानी को रोकने एवं उसे संरक्षित करने के लिए जल अभिषेक कार्यक्रम चलाया है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए जल संरक्षण के कार्य करने की जरूरत है। यदि हम जल संरक्षण के कार्य नहीं करेंगें तो हमारी भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं कर पायेगी। जल संरक्षण के लिए हमें जागरूक बनना होगा और वर्षा के जल को तालाब आदि बनाकर संरक्षित करना होगा।
मंत्री श्री कावरे ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर 11 अप्रैल को जल अभिषेक अभियान प्रारंभ किया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले ने महिलाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और महिलाओं को आगे आने के लिए प्रेरित किया था। महात्मा ज्योतिबा फुले की शिक्षा को आत्मसात कर हमें भी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अवसर देना होगा। महिलायें अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और आत्मनिर्भर बन सकें इसके लिए जल संरक्षण के कार्यों में भी महिलाओं की भागीदारी तय की जायेगी। आजाविका मिशन से जुड़े महिलाओं के समूहों को मत्स्य पालन, सिंघाड़े की खेती से जोड़ने का काम किया जायेगा। बालाघाट जिले में आजीविका मिशन द्वारा महिलाओं के समूहों को लेकर नवाचार किये जा रहे है। इसके अंतर्गत महिलाओं के समूहों को रोड रोलर दिलाया जा रहा है। इस तरह से महिलाओं की सड़क निर्माण में भी मजबूत भूमिका होने वाली है।
कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने इस अवसर पर बताया कि जल अभिषेक अभियान के अंतर्गत जिले के 112 ग्रामों में अमृत सरोवर निर्माण के लिए स्थान चिन्हित किया गया है। प्रत्येक अमृत सरोवर 10 हजार घन मीटर जल भराव क्षमता का होगा। इसके अलावा रेन वाट हार्वेसिटंग के लिए 06 से 07 हजार जल संरक्षण संरचनायें बनायी जायेगी। जिले में आजीविका मिशन से जुड़े समूहों को 60 उचित मूल्य दुकानो का आबंटन किया गया है। इन दुकानों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जायेगा। महिला समूहों को सड़क निर्माण के कार्य में सहभागी बनाने के लिए उन्हें रोड रोलर भी दिलाया जा रहा है। इससे समूह की महिलाओं को रोजगार के नये अवसर मिलेंगें।
उल्लेखनीय है कि जल अभिषेक अभियान के अंतर्गत जिले में 112 अमृत सरोवर का निर्माण किया जायेगा। इसके अलावा 1146 छोटे तालाब, स्टापडेम, चेकडेम का जिर्णोद्धार व नवीनीकरण कार्य किया जायेगा। इसी प्रकार 5547 हजार छोटी जल संरक्षण संरचनायें जैसे कंटूर ट्रेंच, सोखपिट, परकोलेशन टैंक, मीनाक्षी तालाब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


















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