टी.एल. बैठक में अधिकारियों को दिये गये निर्देश
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट।11 अप्रैल को कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में टीएल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एसडीएम श्री के सी बोपचे एवं सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। वारासिवनी, बैहर, कटंगी, लांजी एवं किरनापुर एसडीएम बैठक में गूगल मीट के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना में बने रहे आवासों की नियमित जांच करें और उनकी प्रगति पर निगरानी रखें। आवासों की जांच के दौरान देखें कि आवास की जियो टैगिंग हो रही है या नहीं। कलेक्टर डॉ मिश्रा ने सभी एसडीएम द्वारा उचित मूल्य दुकानों के निरीक्षण में अच्छा कार्य करने के लिए उनकी सराहना की । उन्होंने बताया कि 09 अप्रैल को मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेस में माह जनवरी में उचित मूल्य दुकानों के निरीक्षण व दुकान संचालन में गड़बड़ी पाये जाने पर प्रदेश में सबसे अधिक 05 लाख रुपये का जुर्माना लगाने पर बालाघाट जिले की प्रशंसा की गई है। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों का सतत निरीक्षण करते रहें। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में शासकीय भूमि के अतिक्रमणकारियों एवं भू-माफियों की सूची तैयार करें और उनके विरूद्ध सख्ती कार्यवाही करें। इसी प्रकार अवैध कालोनाईजर के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत करें।
बैठक में सीएम राईज योजना के स्कूलों के लिए जमीन आबंटन की चर्चा की गई और बताया गया कि प्रत्येक स्कूल के पास कम से कम 05 एकड़ भूमि रहना चाहिए। शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं होने पर प्रायवेट भूमि का भी अधिग्रहण किया जा सकता है। सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में बनने वाले सीएम राईज स्कूल की समिति की बैठक आयोजित कर 1500 बच्चों के परिवहन की कार्ययोजना तैयार कर लें।
बैठक में बैहर, बिरसा, किरनापुर, लांजी एवं परसवाड़ा विकासखंड में आर.सी.पी.एल.डब्ल्यू.ई. अंतर्गत स्वीकृत 287 किलोमीटर लंबाई की 33 सड़कों एवं 17 पुल(ब्रिज) में से 28 सड़कों एवं 14 ब्रिज के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना ईकाई बालाघाट एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रस्तावित कार्यों के स्थलों का शीघ्र निरीक्षण कर सड़क एवं ब्रिज निर्माण के लिए वन क्षेत्र की प्रभावित वास्तविक लंबाई, चौड़ाई एवं प्रभावित वृक्षों की स्थिति का सतही सर्वेक्षण कर वन विभाग की अनुमति के लिए 07 दिनों के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करें।


















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