खैरागढ़. मनरेगा कर्मियों की 39 दिन से जारी हड़ताल को जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह सभापति घम्मन साहू ने भी अपना समर्थन देतें मनरेगा कर्मियों की मांग को जायज बताते छग सरकार से कर्मियों के हित में त्वरित फैसला लेने की मांग दोहराई।
स्थानीय एसडीएम कार्यालय के सामने जारी मनरेगा कर्मियों की हड़ताल का समर्थन करने पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने मांगों के संबंध में नैतिक समर्थन देते हुए कहा कि मनरेगा कर्मचारी ग्रामीण अर्थव्यस्था के आधार स्तंभ है जो गांव के अंतिम व्यक्ति को रोजगार मुहैया कराते हैं जिससे उनका जीविकोपार्जन होता है, हड़ताल में जाने के कारण ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध नही हो पा रहा है, किंतु कर्मचारी जिनको रोजगार उपलब्ध कराते हैं।
महिला कर्मचारियों ने मेहंदी लगा कर मांगा नियमितीकरण: विकासखंड खैरागढ़ में मनरेगा योजना अंतर्गत कार्यरत महिलाओं की संख्या में अधिक है, जो कर्तव्यनिष्ठ होकर योजना का कार्य संचालित करते आ रहे है जो अनवरत 39 दिवस से हड़ताल में डटे हुए हैं। हड़ताल में मनरेगा में कार्यरत महिला कर्मियों द्वारा हाथों में मेहंदी से लेबो नियमितिकरण लिख कर नारा बुलंद किया।
उनके ही रोजगार की गारंटी नही है। सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मनरेगा कर्मियों के 2 सूत्रीय मांगों को जल्द से जल्द पूरा किये जाने की अपील की। इस दौरान विक्रांत सिंह ने बताया कि जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में मनरेगा कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। जिला पंचायत सभापति घम्मन साहू ने इस दौरान मनरेगा कर्मियों की दो सुत्रीय मांगों को जायज बतातें कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने मनरेगा कार्य का सफल संचालन करने वाले मनरेगा कर्मियों का नियमितीकरण जरूरी है ताकि उनका परिवार भी सुरक्षित हो सके। साहू ने भी मांगो को पूर्ण करनें सरकार से अपील की। उल्लेखनीय है कि मनरेगा कर्मचारी अपनी 2 सुत्रीय मांगों को लेकर पिछले 39 दिनों से गर्मी और धूप में बैठे हैं। किंतु शासन स्तर पर अब तक कोई सकारात्मक पहल नही किया गया है।
*सीएनआई न्यूज़ खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट*


















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