कौन बनाया हिन्दुस्तान मेहनतकश मज़दूर किसान !
सी एन आई न्यूज के लिए पुरुषोत्तम जोशी ।
सरकार की घोषणा हैं, इसलिए मांग नही कर सकते लेकिन *न्यूनतम वेतन* का भुगतान सुनिश्चित करवाएं, केवल कथित तौर पर किसान - किसान जाप करने से मामला एकंगु ( एकतरफा ) हो रहा हैं। श्रमिक वर्ग के प्रति उदासीनता का परित्याग करना होगा, तभी सामाजिक संतुलन कायम होगा।
माननीय मुख्यमंत्री, कृष्णकुंज योजना के अन्तर्गत पीपल, नीम, बरगद, कदम्ब जैसे पौधों के रोपण का तो कोई भी समर्थन ही करेगा लेकिन इसे कैसे उचित ठहराओगे कि प्राकृतिक वनो को उजाड़कर सिर्फ एक एकड़ मे कृष्णकुंज विकसित होगा, इसे कैसे प्रत्याभूत करोगे, कि यह योजना भष्ट्राचार रहित होगा ? सुझाव तो नही देंगें क्योंकि सरकारें सुझाव पसंद नहीं करती अतः मांग करते हैं, कि प्रदेश के हर कस्बे में *श्रमिक विश्रामालय* का निर्माण करें और प्रदेश के सभी क्षेत्रों सहित, संगठित - असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को *न्यूनतम वेतन* का भुगतान सुनिश्चित करवाएं। *छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल* के पंजीकृत हितग्राहियों के लिए अधिनियमित योजनाएं जो स्थगित है उसे भी आरंभ करावें। कांग्रेसी कहते नही थकते कि मोदीजी अडानी के साथ हैं। *हसदेव अरण्य क्षेत्र खनन परियोजना* के विरोध में आदिवासी तो महीनों से अडानी के खिलाफ छाती अड़ाकर लड़ रहा है, आप तो कर्म, मन और आचरण से अडानी के साथ दिखाई दे रहे हैं। इलैक्ट्रोनिक मीडिया हो, चाहे प्रिंट मीडिया हो हर जगह आप ही आप दिखाई देते हो दाऊजी, एकाध जगह तो मज़दूर के साथ दिखाई दे देते ? इसकी शुरुआत *चन्दूलाल चन्द्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के संघर्षशील साथियों की मांग पूरी कर दिखाई दे सकते हैं।*
*शेख अँसार*
उपाध्यक्ष
*छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा*


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.