कक्षा तीसरी में पढ़ाया जाये जिले का इतिहास और भूगोल
सीएन आई न्यूज सिवनी म.प्र.से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट
सिवनी वर्तमान शिक्षा नीति के कारण बच्चे अपने जिले के इतिहास और भूगोल को अपने पाठ्यक्रम में पढ़ने से वंचित हो रहे हैं। बच्चों के साथ साथ शिक्षकों को भी अपने जिले के इतिहास और भूगोल का समुचित ज्ञान नहीं है। जबकि अपने जिले का सामान्य ज्ञान प्रत्येक नागरिक को होना चाहिये। इसके लिये मध्य प्रदेश के सभी जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा तीसरी में अपने अपने जिले का इतिहास और भूगोल से संबंधित एक पुस्तक अनिवार्य की जाये। उक्तशय की मांग करते हुये। सेवानिवृत्त शिक्षक रघुवीर अहिरवार ने बताया कि जिले के जिले के नागरिकों को आपने जिले के ऐतिहासिक महत्व जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों महापुरुषों विद्धानो और जिले में जन्मे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने वाले विभिन्न विधाओं में प्रसिद्ध होने वाले लोगों की जानकारी होना चाहिये। इसी के साथ नागरिकों को अपने जिले के भूगोल का सामान्य ज्ञान भी जरूरी है। वर्तमान शिक्षा नीति में छात्र छात्राओं को देश दुनिया की बहुत सी जानकारी दी जा रही है, लेकिन उनको अपने जिले के इतिहास और भूगोल का ज्ञान नहीं कराया जा रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षक रघुवीर अहरवाल ने आगे बताया कि आज से पचास साल पहले मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में कक्षा तीसरी में जिले का भूगोल पढ़ाया जाता था जिसमें जिले का मानचित्र भौगोलिक स्थिति नदियां
पहाड़, जंगल, फसल, जलवायु ,आदि का अध्ययन कराया जाता था। इसके साथ ही जिले के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थानों की भी जानकारी होती थी।श्री अहरवाल ने मध्य प्रदेश सरकार से निवेदन किया है कि प्रत्येक जिले में उस जिले से संबंधित इतिहास और भूगोल का अध्ययन कराने हेतु कक्षा तीसरी के लिए एक पुस्तक को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये ताकि बच्चों को अपने जिले का परिचय मिल सके।


















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