GPM कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन के द्वारा महंगाई भत्ता के लिए ऐतिहासिक आंदोलन का शंखनाद,सरकार की वादा खिलाफी से कर्मचारी संगठनों में गहरा आक्रोश...
—जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही से सूरज यादव कि खास रिपोर्ट
CNI NEWS जीपीएम/महंगाई भत्ता के लिए ऐतिहासिक आंदोलन का शंखनाद,सरकार की वादा खिलाफी से कर्मचारी संगठनों में गहरा आक्रोश-- छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन रायपुर,प्रांतीय निकाय के आह्वान पर दो सूत्री मांगों को लेकर पांच दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन रेनाल्ड स्कूल ज्योतिपुर गौरेला में के बी दीक्षित जिला-अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संघ के द्वारा शंख बजाकर, शंखनाद किया गया। जिला-गौरेला, पेंड्रा,मरवाही में हड़ताल से कोषालय, तहसील, महिला एवं बाल विकास,कृषि,सहायक आयुक्त,आरईएस, वन लोक निर्माण विभाग,कार्यालय पूर्ण तया बंद रहे।स्वास्थ एवं कलेक्टर कार्यालय आंशिक रूप से प्रभावित रहे।
अधिकांश शालाये बंद रहे।मरवाही में भी अधिकांश कार्यालय बंद रहे।मंच को एस पी सोनी, कमाल खान,विश्वास गोवर्धन,ललित ध्रुव,अक्षय नामदेव,आकाश राय,अजय चौधरी,कविता,शर्मा,मीना शर्मा,स्नेहलता,प्रीतम कोशले,प्रकाश रैदास,दिनेश अग्रवाल,एम पी रौतेल,आर पी अहिरवार,टंडन मेंम,आजुराम मरकाम,अभिषेक शर्मा ने संबोधित किया।कोई यदि हमारे मुंह से रोटी छीन ले तो उसके गले में उंगली डालकर निकालना हमारा धर्म हो जाता है। यह कहना है विगत तीन वर्षों से लंबित केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता वह सातवें वेतनमान के रूप गृह भाड़ा भत्ता की मांगों को लेकर उपेक्षा और आर्थिक नुकसान का दंश झेल रहे आंदोलनरत छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे 80 से अधिक छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी संगठनों का है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है जब छत्तीसगढ़ के तकरीबन सभी विभागों के लगभग साढ़े चार लाख से अधिक कर्मचारी- अधिकारी अपने महंगाई भत्ता एवं आवास भत्ता की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं।
फेडरेशन के इस हड़ताल के लिए सभी ने सरकार को जिम्मेदार बताया है। चरणबद्ध आंदोलन के बाद भी सरकार का रवैया बहुत उदासीन वा हठधर्मिता वाला रहा है। जिससे से विवश होकर कर्मचारी अधिकारियों को हड़ताल करने पर विवश होना पड़ा है। कर्मचारी संगठनों का साफ कहना है कि क्या महंगाई का असर केवल आईएएस,सांसदों और विधायकों पर ही पड़ता है।हड़ताल कर्मचारी कर रहे है और वेतन एवं भत्ते विधायको के बढ़ रहे है। पांच दिवशीय हड़ताल के बाद भी छत्तीसगढ़ सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।मंच का संचालन नागेंद्र त्रिपाठी ने किया।इस अवसर पर तीन सौ कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
सूरज यादव
CENTRAL NEWS INDIA CHANNEL
जिला ब्यूरो/संवाददाता
गौरेला पेंड्रा मरवाही छ.ग.
9617435197


















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