डोंगरगांव
डोंगरगांव से संतोष सहारे की रिपोर्ट
लोगो को घर से पैदल निकलना मुश्किल है और बच्चों को स्कूल जाने मे बहुत परसनी होते है गांव के सरपंच थोड़ा भी ध्यान नहीं दे रहा है करमरा मे ऐसा कोई जगह नही जहा कीचड़ नही है हर जगह कीचड़ ही कीचड़ है कई गांवों के लोग परेशान, सड़़क पक्की करने की मांग में ग्रामीण सड़़कों को पक्का नहीं किया जा रहा है। करमतरा के लिए जाने वाले ग्रामीणों को कीचड़ व गंदगी का सामना करना पड़ता है। इस सड़क के रास्ते स्कूल और मंदिर होने के कारण सुबह शाम भीड़ रहती है।
लोगों ने बताया कि ऐसा नहीं कि इस सड़क के निर्माण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को कहा नहीं गया। मगर ऐसा करने के बावजूद व्यवस्था ज्यों की त्यों है। ग्रामीणों का आरोप है कि शहरों की तरह गांवों में विकास की बाते ढकोसला साबित हो रही हैं। बरसात के दिनों में ग्रामीण अंचल की सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है।
इस कीचड़ की वजह से पूरे ग्रामीणों में सरपंच के प्रति आक्रोश की भावना नजर आ रही है कई बार सरपंच को इस हालात को बताया गया लेकिन किसी भी प्रकार का ग्राम पंचायत के प्रति कोई ध्यान नही दिया जा रहा है जबकि सरपंच जैसे और भी बड़े बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को इन सड़कों में आवागमन करना पड़ता हैं इस हालत को देखने से यह लगता है कि किसी बड़े सड़क दुर्घटना का इंतज़ार किया जा रहा है।




















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