जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या , भारत में एकदिवसीय राष्ट्रीय शोक
सबसे लम्बे तक पीएम थे शिंजो
शिंजो आबे वर्ष 2020 में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण इस्तीफा देने से पहले देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे। इनके परिवार का भी एक समृद्ध इतिहास रहा है , जो दशकों से सत्ता में रहा है। उनके दादा किशि नोबुसुके वर्ष 1957 से वर्ष 1960 के दौरान दो बार जापान के पीएम रहे थे। इसके अलावा उनके पिता शिंतारो आबे भी जापान के विदेश मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 1993 में पिता की मौत के बाद शिंजो आबे ने पहली बार जापान के आम चुनाव में उतरने का फैसला लिया था। जापान के पीएम बनने से पहले भी शिंजो आबे का बड़ा सियासी कद रहा है। डिप्टी चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी के तौर पर भी वह तत्कालीन पीएम के साथ उत्तर कोरिया की यात्रा पर गये थे। शिंजो आबे वर्ष 2006 से वर्ष 2007 के दौरान और फिर वर्ष 2012 से वर्ष 2020 के दौरान पीएम रहे थे।
उनकी हत्या मानवता के लिये त्रासदी - राष्ट्रपति
महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जापान के पूर्व पीएम के निधन पर ट्वीट करते हुये कहा कि मुझे यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि शिंजो आबे अब नहीं रहे। वे एक महान राजनेता थे और उनकी मिलनसारिता के कारण ही उन्हें दुनियां भर में पसंद किया जाता था। वे एक हत्यारे की गोली का शिकार हुये , यह पूरी मानवता के लिये एक त्रासदी है। उनके परिवार और जापान के लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना हैं।
पीएम मोदी ने की राष्ट्रीय शोक की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिंजो आबे के निधन पर शोक जताते हुये ट्वीट में लिखा है कि मैं अपने सबसे प्यारे दोस्तों में से एक शिंजो आबे के दुखद निधन पर स्तब्ध और दुखी हूं। वह एक महान वैश्विक राजनेता , प्रशासक थे। उन्होंने जापान और दुनियां को एक बेहतर जगह बनाने के लिये अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि जब मैं उनसे आखिरी बार मिला था तब नहीं जानता था कि मेरी यह उनसे आखिरी मुलाकात होगी। पीएम मोदी ने शिंजो आबे की मौत पर देश में राष्ट्रीय शोक की घोषणा करते हुये कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के प्रति हमारे गहरे सम्मान के प्रतीक के रूप में 09 जुलाई 2022 को एक दिन का राष्ट्रीय शोक मनाया जायेगा।


















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