एमपी के गो अभ्यारण की व्यवस्था पथमेड़ा गोधाम को स्थांतरित
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
भोपाल - श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास और मध्यप्रदेश गोसंवर्धन बोर्ड के बीच एक अनुबंध पर हस्ताक्षर हुये जिसके तहत मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित भारत का प्रथम गोआभ्यारण गौसेवा और संवर्धन हेतु 30 वर्षों के लिये पथमेड़ा गोधाम को हस्तांतरित कर दिया गया है। यह गो अभ्यारण्य आगर जिले के सालरिया गांव के अंदर स्थित हैं जो तीन हजार बीघों में फैला हुआ हैं , जिसमें गोवंश मुक्त रूप से चर विचर सकता हैं।
मालवा नस्ल के गोवंश की सेवा और नस्ल सुधार के उद्देश्य से एमपी सरकार द्वारा वर्ष 2017 में इसकी स्थापना की थी। इसमें 24 पक्के गोआवास तथा अधिकारियों , कर्मचारियों और ग्वालों के रहने हेतु पक्के आवास बने हुये हैं। इसकी क्षमता छह हजार गोवंश की हैं।वर्तमान में इस गो अभ्यारण्य में तीन हजार गोवंश संरक्षित हैं। इस अभ्यारण्य में हरे भरे घास के मैदान / चारा उत्पादन हेतु खेत, / तालाब आदि सब सुविधाये हैं। पथमेड़ा की गौसेवा से प्रभावित होकर एमपी सरकार द्वारा इस गोअभ्यारण्य को और अधिक विकसित करने के लिये हस्तांतरित किया गया हैं। भूमि और संपत्ति का स्वामित्व सरकार का ही रहेगा। दस वर्ष तक गौसेवा का संपूर्ण व्यय सरकार द्वारा इस संस्था को दिया जायेगा , अगले दस वर्ष तक आधा व्यय तथा अगले दस वर्ष तक एक चौथाई व्यय सरकार द्वारा दिया जायेगा। तब तक कृषि और घास के मैदानों को पूर्ण विकसित कर दिया जायेगा ताकि गौसेवा पर कम से कम व्यय हो। कृषि और अन्य विकास कार्यों के लिये भी मध्यप्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी। अनुबंध पर हस्ताक्षर के समय पथमेड़ा की ओर से पूज्य ग्वाल संत श्रीगोपालाचार्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज / पूज्य संत प्रहलाद महाराज / केंद्रीय कार्यालय प्रमुख धनराज चौधरी / अंबा लाल सुथार मैनेजिंग ट्रस्टी / गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा / ब्रह्मदत्त पुरोहित मैनेजिंग ट्रस्टी श्रीनंदगांव / गोभक्त राजेश जी माहेश्वरी / गोभक्त गोपाल राजपुरोहित / ग्वाल शक्ति सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष गौवत्स ओमप्रकाश तथा मध्यप्रदेश शासन की ओर से गो संवर्धन बोर्ड के प्रबंध संचालक / रजिस्टार व संयुक्त निदेशक उपस्थित रहे।


















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