सी एन आई न्यूज सिवनी से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्
भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन को लेकर लोगों ने उत्साह है। बहन भाइयों के लिए विभिन्न डिजाइन की राखियां खरीद रही है, तो भाई गिफ्ट आइटम खरीद रहे हैं।
इस वजह से बाजारों में रौनक है और बीते वर्ष से मुकाबले अच्छा कारोबार देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि रंग-बिरंगी राखियों को खूब पसंद किया जा रही है। बाजार में अलग-अलग वेरायटी का राखियों आई है, जिनकी कीमत एक हजार रुपये तक है। इनमें 50 से 200 रुपए वाली राखियां ज्यादा बिक रही है। । आने वाले दिनों में कई त्योहारों के होने से बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। इससे नगर में जगह-जगह जाम लग रहा है। नगर में रक्षाबंधन की खरीदी को लेकर भी भीड़ देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि नगर में इस समय सभी धर्मों के त्योहारों का सिलसिला चल रहा है, जिसके चलते बाजार में फिर से रौनक लौट आईं हैं। ग्राहकों की भीड़ कपड़ा, किराना, श्रृंगार वाली दुकानों पर देखने को मिल रही है। जबकि मंगलवार बाजार में तो इस समय दो पहिया वाहन भी पूजन मुश्किल हो गया है।
भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक त्यौहार रक्षाबंधन को लेकर लोगों में जमकर उत्साह देखा जा रहा है ।बाजार पूरी तरह से सजकर तैयार हो गया है। राखियां खरीदने बहनों की भीड़ जुट रही है। बहने भाईयों के लिए विभिन्न डिजाइनों की राखियां खरीद रही हैं। दुकानदार ने इस वर्ष बेहतर कारोबार होने का अनुमान लगाया है।
बाजार में पांच रुपए से लेकर 250 रुपए तक की राखियां उपलब्ध है। महंगाई के बाद भी परंपरा वाले इस पर्व को लेकर बाजार में जोरदार उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार राखियां के दाम में डेढ़ से दो गुना उछाल आया है। कोरोना संक्रमण के चलते दो साल से रक्षाबंधन में बाजार काफी रहा था।
इस बार व्यापारियों में बेहतर कारोबार होने की उम्मीद है। राखियां से बाजार गुलजार हो गया है। इस बार स्वदेशी राखियों की अधिक मांग है। स्वदेशी राखियों की कीमत भी बजट में है। जिसके चलते लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। समूह की महिलाओं ने बताया की बड़ी मेहनत से राखियां तैयार की है। गेहूं, धान, गोबर से भी राखियां तैयार की गई है। जिसमें काफी समय लगा है।


















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