उत्साह पूर्वक मनाया गया “हलषष्ठी पर्व”….संतान प्राप्ति व उनके दीर्घायु सुखमय जीवन की कामना के लिए माताओं ने रखा व्रत….
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर...आज कमरछठ का पर्व मनाया जा रहा है…इस पर्व को लेकर महिलाओं में बेहद उत्साह रहता है।यह पर्व भाद्र माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। संतान प्राप्ति व उनके दीर्घायु सुखमय जीवन की कामना के लिए माताएं इस व्रत को रखती हैं।हलषष्ठी माता की छह कहानी को कथा के रूप में श्रवण करती हैं।रतनपुर में भी अलग अलग जगहों पर बड़े ही उत्साह व उमंग के साथ यह पर्व मनाया गया। कैराहापारा तंबोली परिवार में सभी व्रती महिलाओं ने साथ मिलकर श्रध्दापूर्वक गौरी-गणेश, कलश व हलषष्ठी देवी की घर के आंगन में सगरी बनाकर जल भरकर पूजा की।
महेश्वरी तंबोली नेबताया कि इस व्रत इस दिन हम सुबह महुआ पेड़ की डाली का दातून करके स्नान करती है । व्रत के दौरान महिलाएं इस दिन भैंस दूध की चाय पीती है और दोपहर के बाद घर के आंगन में या गांव के चौपाल में सगरी बनाकर जल भरकर पूजा-अर्चना करते हैं। साड़ी आदि सुहाग की सामग्री चढ़ाती है। पूजन के बाद माताएं अपने संतान के पीठ पर हल्दी से भीगा हुआ पोता मारते हैं, जो माता द्वारा दिया गया रक्षा कवच का प्रतीक है।



















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