पिथोरा_गोपालपुर के हाई स्कूल के छात्र छात्राओं को मुख्यमंत्री का आगमन उन्हीं के विद्यालय में हुआ था पर उनसे भेंट मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं कराई गई। उन्हें कक्षा से बाहर निकलने नहीं दिया गया
13 दिसंबर को मुख्यमंत्री का आगमन भेंट मुलाकात के कार्यक्रम के तहत गोपालपुर के हाई स्कूल प्रांगण में कार्यक्रम रखा गया था एक तरफ पूरी जनता उनसे मिलना चाह रही थी बात करना चाह रही थी परंतु उसी विद्यालय के छात्र छात्राओं को कक्षा में बैठाकर रखा गया था
अब आप यह समझिए कि जिस विद्यालय में मुख्यमंत्री महोदय का आगमन हुआ है वहां के बच्चों को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया यह गलत बात है क्या। हद तो तब हो गई जब छात्र छात्राओं को बाथरूम तक जाने नहीं दिया जाए गोपालपुर के छात्र-छात्राओं के पास समस्या नहीं थी क्या वे मुख्यमंत्री से बात नहीं कर सकते थे इस कारण से पालकों में आक्रोश स्कूल में किया ताला बंदी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गोपालपुर के प्राचार्य ने यह स्वीकार किया है के जो कुछ किया गया जिला शिक्षा विभाग के कहने पर कहा गया।
हम आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महासमुंद जिले में 4 दिन के भेंट मुलाकात दौरे पर हैं 13 तारीख को बसना विकासखंड के गोपालपुर मैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आम जनता से भेंट मुलाकात करने पहुंचे थे जहां गोपालपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराना चाह रहे थे छात्राओं की मनसा का भनक जिला शिक्षा अधिकारी को लग गया था मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यक्रम से पहले ही जिला शिक्षा अधिकारी गोपालपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पहुंचे और छात्रों को कहा कि कोई भी छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम तक स्कूल से बाहर नहीं निकलेगा ऐसे हीदायत देखकर बच्चों को स्कूल के कैंपस में ही बंद कर दिया गया छात्र छात्राओं का कहना है कि स्कूल के शिक्षकों ने उन्हें शौचालय तक जाने का अनुमति नहीं दिया था। मामले की जानकारी पालकों एवं ग्रामीणों को हुई और पालकों और ग्रामीणों ने स्कूल प्रांगण में ही मुख्यमंत्री और जिला शिक्षा अधिकारी को मिलने आना होगा कि नारे लगाते हुए स्कूल में तालाबंदी कर दी है
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भेंट मुलाकात के बहाने आम जनता की तकलीफों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की आंख में धूल झोंकने वाला काम कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी और महासमुंद जिला प्रशासन यह नहीं चाहता है कि कमियां उजागर हो और उनकी पोल खुल जाए। बहरहाल देखना यह है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री इस मामले में कितना संज्ञान लेते हैं और गोपालपुर के छात्र छात्राओं को न्याय देते हैं या नहीं।



















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