पूरा घर हुआ जलकर राख , मंदिर को नई आई आंच
मोहन द्विवेदी की रिपोर्ट
जांजगीर चांपा - मां समलेश्वरी की पावन धरा चांपा के वार्ड नंबर पांच में गौरहा निवास में आज अलसुबह संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। हालांकि पड़ोस के नवयुवकों ने अपनी सूझबूझ से आग पर काबू पाने में सफलता हासिल कर ली , लेकिन तब तक घर गृहस्थी का सारा सामान राख में तब्दील हो चुका है। दिलचस्प और चर्चा की बात यह भी रही कि भले ही पूरा घर जलकर राख हो गया लेकिन अध्यात्म का प्रमाण घर में आलमारी पर बने मंदिर और धर्मग्रंथों तक यह आग नहीं पहुंच सकी। समाचार लिखे जाने तक कितना नुक़सान हुआ , इसका खुलासा नहीं हो सका वहीं थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचकर अग्रिम कार्यवाही में संलिप्त रहते नजर आये।
गौरतलब है कि कोसा , कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा के ब्राह्मणपारा में विजेंद्र गौरहा एवं नीलमणी गौरहा पिता स्व० भगवान प्रसाद गौरहा के लकड़ी पटाव वाले मकान में गुरू-शुक्रवार के मध्य रात्रि में लगभग तीन बजे अज्ञात कारणों से आग लग जाने से उठती धुआं देखकर मोहल्ले वाले लोगों को पता चला। आनन फानन में आग पर काबू पाने के लिये आस-पास के घरों से पाईपलाइन के द्वारा पानी डालकर आग बुझाने में लग गये। घर लकड़ी के पटाव का होने के कारण धू-धू कर जल रहा था साथ में हवा चलने के कारण आग लकड़ियों पर अपना फैलाव जारी रखे हुये था। हवा के प्रभाव से आग इतनी भयंकर हो गई कि मकान का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो गया। अग्नि शमन यंत्र के पहुँचते तक मोहल्ले के लोगों के द्वारा काफी हद तक आग पर काबू पा लिया गया था। इस पूरे प्रयास में पुरुषोत्तम शर्मा , गोपी थवाईत , पवन थवाईत , सिद्धनाथ सोनी , अजय थवाईत पवन , पवन सोनी आदि मोहल्ले वालों का सराहनीय योगदान रहा।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.