2 हजार करोड़ के घोटाले के लिए भूपेश सरकार ने नही की थी शराब बन्दी- राजेश अग्रहरि
आखिर कब शराब से मुक्त होगा छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले बड़े चर्चे में है।
शराब पीकर छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर अत्याचार अब भी शुरू।
शराबियों से सुरक्षित नहीं है।छत्तीसगढ़ की महिलाएं।
शाम ढलते ही शराब पीकर, घर की पत्नी और बच्चों से करते हैं - मारपीट।
राज्य सरकार की फोकट के चावल शराबियों का वरदान बना है।
शराबी चावल बेचकर पी रहे हैं,शराब।
राजनांदगांव - जिला भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी व युवा नेता राजेश गुप्ता अग्रहरि ने कहा है कि प्रदेश की भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने २००० करोड़ के शराब घोटाले के लिए प्रदेश में शराब बन्दी नही करी यदि प्रदेश की माता - बहनों को दिए गये आस्वासन के अनुसार शराब बन्दी कर दी जाती तो उनके हाथ दो हजार करोड़ रूपये कहा से हाथ लगता व शराब की कमाई के इन पैसों को केजरीवाल की आप पार्टी की तरह जगह- जगह होने वाले चुनाव में पैसे कहां लगा पाते यही वजह है कि केजरी वाल की तरह भूपेश बघेल भी यह कहते फिर रहे है कि शराब घोटाले का पैसा कहाँ हैं, उसे ईडी बता क्यों नही रही, शराब घोटाले में पकड़े गये नेता, अधिकारी, व्यवसायियो के घर से कितने रूपये पैसे धन सम्पत्ति पकड़ी गई बता क्यो नही रही है।
श्री अग्रहरि ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शराब की कमाई में हुई वृद्धि को लेकर बचना चाहते है जबकि भूपेश बघेल सरकार ने शराब की कीमतो में ५० प्रतिशत की वृद्धि की थी इसके बाद भी ३० प्रतिशत की वृद्धि का धन कहां गया इसे सरकार बता नही पा रही है। प्रदेश के आबकारी मंत्री इसी लिए जब तब कहा करते थे कि प्रदेश में शराब बंदी संभव नही हैँ श्री अग्रहरि ने कहा कि जब शराब बंदी संभव नही था तब हाथ में गंगाजल लेकर शराब बंदी की कसम क्यों खाए थे ? चुनाव के समय एक हफ्ते के अन्दर शराब बंदी की कसम खाने वाली कांग्रेस सरकार के प्रदेश में शराब की गंगा बह रही है। कोचियो के माध्यम से पूरे प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री जोरो पर है। सरकार स्वयं लोगो के घर- घर शराब पहुंचाने का काम कर रही है और शराब की कमाई का पैसा ऊपर भेज दिया जा रहा है। चुनावों में खर्चा किया जा रहा है तब पकड़े गए लोगो के पास शराब घोटाले का पैसा कहां से मिलेगा।


















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