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Tuesday, January 30, 2024

सकट चौथ : माताओं ने संतान की लंबी आयु के लिए रखा व्रत

 रिपोर्टर रोहित वर्मा

 लोकेशन खरोरा;


सकट चौथ : माताओं ने संतान की लंबी आयु के लिए रखा व्रत




खरोरा:  अंचल में सकट चौथ पर्व पर महिलाओं ने बच्चों की लंबी आयु के लिए उपवास रखा । सकट चौथ के दिन भगवान श्रीगणेश गौरी- गौरा  की विशेष विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। सकट चौथ के दिन माताओं ने अपनी संतान की लंबी आयु की कामना के लिए भगवान गणेश की उपासना की। भगवान गणेश को समर्पित यह व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत पूर्ण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ का व्रत रखा जाता है। सोमवार को ग्रामीण क्षेत्रों में भी माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सुख समृद्धि की कामना के लिए सकट चौथ का व्रत रखा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश के प्रति अपनी आस्था प्रगट करने के लिए मनाया जाता है। इसमें गाय के दूध और गोबर का प्रयोग किया जाता है, जिनका बछड़ा जन्मा हो जिससे भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं।  मनोकामना पूरी करते हैं घर के आंगन में छत पर चौक पूरा  गया  ।गोबर का 2 नाव  बनाया गया।  एक नाव में दुब अवम  ओवन तील अर्पण किया गया।  दूसरे नाव में दूध और बेलपत्र अर्पण किया गया । महिलाएं अपने साड़ी के पल्लू से जल अर्पण की  ,जिसमें जल पुत्र द्वारा दिया जाता है या पति द्वारा दिया जाता है।  विधि विधान से पूजा अर्चना कर महिलाएं अपने पुत्र बच्चों के लिए लंबी आयु का वरदान मांगे।  प्रत्येक वर्ष माघ के महीने में सकट चौथ के दिन भगवान गणेश को मोदक, लड्डू और दूर्वा अर्पित किया जाता है। इस दिन गणेश स्तुति, गणेश चालीसा और सकट चौथ व्रत कथा का पाठ किया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार सकट चौथ व्रत में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए दिनभर उपवास रखती है। मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत रखने और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से संतान के ऊपर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस बार भी सकट चौथ पर महिलाएं दिनभर व्रत रखी और रात के समय भगवान गणेश की पूजा करने के बाद चंद्रमा के दर्शन करते हुए उन्हें जल अर्पित कर व्रत का पारण किया। पूजा के दौरान तिल के लड्डू के अलावा गणेश जी को बूंदी के लड्डू के भोग, गन्ना, शकरकंद, गुड़, तिल से बनी वस्तुएं, गुड़ से बने हुए लड्डू और घी अर्पित किया गया। महिलाएं उपवास में केवल तिल के लड्डू का ही प्रसाद ग्रहण करती है।  बहुत ही धूमधाम से आंचल में सकट चौथ का पर्व मनाया गया।

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