राजनांदगांव लोकसभा मे भाजपा काग्रेंस दोनो उम्मीदवार खुद के मेहनत पर है परिणाम का दारोमदार?
भाजपा नेताओ का शक्ति केन्द्र व मिटीगं तक का खेल इस चुनाव में हो सकते है फेल?
छुरिया से राजू मंडावी की रिपोर्ट
छुरिया ;- राजनांदगांव लोकसभा चुनाव मे प्रचार का शोर अब दोनो दलों का मिडिया वार तक सिमट गया है भाजपा नेता जहां अपने पार्टी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार को सफल बनाने गिनती के नेता व कार्यकर्ता शक्ति केन्द्र व गाँव मे अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से सरकार के योजनाओं को मतदाताओं तक पहुचाने का सुझाव देने मे लगे हुए है ,वहीं काग्रेंस मे जिला के कुछ बड़़े नेता व संगठन स्तर जिला काग्रेंस कमेटी के अध्यक्ष अपने टीम के साथ क्षेत्र मे काग्रेंस उम्मीदवार के प्रचार मे लगे हुए है वहीं जिला मीडिया प्रभारी दुबे अपने बेबाक बयान व भाषण के सहारे काग्रेंस के पक्ष मे माहौल बनाने मे कोई कसर नही छोड़ रहे है ,अक्सर भाजपा के लिए मिडिया के माध्यम से आक्रम रहते है, कुल मिलाकर राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र मे भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार को उनके ही पार्टी के अधिकाशं नेताओ हजम नही कर पा रहे है ,एक जानकारी के मुताबिक भाजपा के कार्यकर्ता भी क्षेत्र मे बेमन से शक्रीय है ,क्षेत्र मे आम चर्चा है भाजपा उम्मीदवार अपने भाषणों मे स्थानीय मुद्दों पर बात न कर कशमीर मे धारा 370 बूलेट ट्रेन व जिले के कुछ सरकारी दफ्तरों के मामले पर बोलने से जनता का झुकाव इनके लिए कम दिख रहा छत्तीसगढ़ के मतदाताओं व किसान बेरोजगारो को प्रदेश व स्थानीय समस्याओं व गाँव के विकास से मतलब होता है राजनीति के जानकारों का माने तो
भाजपा उम्मीदवार को मोदी के चेहरे पर मिलेगा ही वोट मिलेगा उस पर ही सारा दारोमदार दिख रहा है वहीं काग्रेंस उम्मीदवार भूपेश बघेल के बारे मे आम चर्चा है उन्होंने प्रदेश मे मुख्यमंत्री रहते हुए गरीब मजदूर किसान युवाओं के लिए बहोत से बेहतर योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया आम आदमी व मतदाता उसे भूला नहीं है ये अलग बात है छत्तीसगढ़ मे काग्रेंस मे विधानसभा चुनाव मे महज टिकीट बटवारे मे पुराने चेहरे छोड़ पार्टी केआला नेता नए चेहरे पर दाव खेलते तो शायद सत्ता हाथ से नहीं गया होता जानकारी है अब तक जो हालात दिख रहा है ग्रामीण क्षेत्र के किसान गरीब मजदूर युवा मतदाताओं के बीच काग्रेंस उम्मीदवार भूपेश बघेर का खाशा प्रभाव दिख रहा है लोगों मे चर्चा है, बीते विधानसभा चुनाव मे हमसे गलती हुआ है एक बार गलती कर डाले है अब यही एक दमदार नेता जो छत्तीसगढ़ मे किसान मजदूर के लिए आवाज बुलंद किया अब इन्हें लोकसभा चुनाव जीता कर दिल्ली भेजना है ताकि वहां भी हम सब के नेता छत्तीसगढ़ का आवाज बुलंद करेगेंआम मतदाता अब इन्हें दिल्ली मेअपने नेता के रूप मे देखना चाह रहे है।वर्तमान मे लोकसभा मे भाजपा उम्मीदवार संतोष पाडे के बारे मे क्षेत्र के राजनीति मे जो माहौल दिख रहा है उस पर काग्रेंस के उम्मीदवार भूपेश बघेल का पड़ला भारी है।अब आने वाला समय ही बताएगा उट किस करवट बैठता है।
पडरिया कांड हो या राजनांदगांव शहर के एक व्यापारी द्वारा हत्या के मामले पर काग्रेसीयो का चुप्पी चर्चा का विषय?
राजनांदगां यहां काग्रेंस के राजनीति मे देखा गया है जब प्रदेश मे काग्रेंस सरकार था तब जिले के लगभग एक दर्जन से नेता व विधायक को लाल बत्ती देकर निगम व आयोग जैसे माहत्वपूर्ण पदो से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा नवाजा गया था इनमें से मात्र तीन चार नेता ही भाजपा के खिलाफ हमेशा मुखर रहे और अपने पार्टी के समर्पित भावना से कार्य किया व कार्यकर्ताओं के दुख दर्द मे साथ खड़े रहे वर्तमान मे जब प्रदेश मे सत्ता नही है तब राजनांदगांव शहर मे एक व्यापारी जो एक मर्डर कांड मे जेल चला गया वहीं दूसरा पडरिया कांड जहाँ भाजपा नेताओ ने मंच पर एक समाज के बारे मे अपत्तिजनक भाषण दिया था उक्त मामले पर संगठन के जिलाअध्यक्ष भगवत साहू, महामंत्री चुम्मन साहू, ने एक बयान जारी किया उसके अलावा एक भी नेता विधायक मामले पर बयान जारी करना भी मुनासिब नहीं समझा जो राजनीति के क्षेत्र मे चर्चा का विषय है


















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