छत्तीसगढ में न्याय पालिका के आदेशों पर भारी पड़ रहा सत्ता सरकार और पैसो का रुआब
राजनांदगांव / खैरागढ़ छत्तीसगढ। : छत्तीसगढ के पूरे प्रदेश भर में सत्ता सरकार और पैसो के रुआब के चलते आपराधिक मामलों में न्यायिक रिमांड की सजा पाने वाले ज्यादातर आरोपी बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो रहे है। बीते पांच छै महीनों से यह देखा जा रहा है कि अलग अलग मामलों में कोर्ट से न्यायिक रिमांड में जेल भेजे गये आरोपी पुलिस, जेल प्रशासन और अस्पताल में पदस्थ कतिपय डॉक्टरों से सांठ गांठ कर अस्पताल में गंभीर बीमारी का बहाना कर भर्ती हो जा रहे है जिसके चलते कोर्ट का आदेश फलीभूत नहीं हो पाता। कोर्ट के जेल जाने के आदेश से पहले भरे पूरे तरह से भले चंगे आरोपी अचानक बुरी तरह से बीमार हो जाते है और उन्हें बीमार साबित करने में लक्ष्मी माता का विशेष योगदान रहता है। बीते कुछ दिनों में यह बहुतायत में हो रहा है। कर्ज प्रकरण में न्यायिक रिमांड में भेजे गये आरोपी शिरीष मिश्रा, चोरी का सामान खरीदने वाले गौतम जैन, सट्टा प्रकरण के आरोपी नरहरदेव सिंह के बाद अब सट्टा प्रकरण में ही चालान पेश होने के बाद एसीजेएम कोर्ट के आदेश पर न्यायिक रिमांड में भेजा आरोपी विकेश गुप्ता अस्पताल में भर्ती है।
सत्ता सरकार और लक्ष्मी माता की मेहरबानी के चलते बीते पांच छै महीनों से ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है जिसमें कोर्ट में पेश होने से पहले सामान्य बीमारी से ग्रसित आरोपी अचानक गंभीर बीमारी से पीड़ित हो जाता है और उसका अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती होना जरूरी बन जाता है। ऐसे मामलों से न्याय पालिका के आदेश का मखौल उड़ रहा है वहीं जेल जाने से बचने आरोपियों द्वारा नया सिस्टम चालू कर दिया गया है। समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो हर दूसरे तीसरे मामले में आरोपी अपने अपराध के लिये न्यायिक रिमांड की अवधि काल कोठरी में काटने की जगह अस्पताल में फर्जी बीमारी का बहाना बनाकर कूलर की ठंडी हवा में आराम करेंगे।


















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