पत्रकार जूनियर हिंदुस्तानी की खबर
कलम से समझौता नहीं
अपनी बात निडरता से
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खत्म नहीं होगा भ्रष्टाचार
बालाघाट मध्यप्रदेश। आज देश में जिस तरह से भ्रष्टाचार पनप रहा है जिसे रोकने के लिए हर पार्टी के बड़े स्तर के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं परंतु सच यहां है कि कोई भी सरकार नहीं चाहती कि भारत से भ्रष्टाचार खत्म हो सरकार खुद ही ऐसे नियम बनाती है जिसमें भ्रष्टाचारी मौके का फायदा उठाकर खुलेआम भ्रष्टाचार करता है चाहे छोटा भ्रष्टाचारी हो या बड़ा भ्रष्टाचारी वहां किसी न किसी पार्टी से जुड़ा हुआ होता है किसी न किसी बड़े स्तर के नेता से उसके संपर्क बने रहते हैं अगर कोई आवाज उठाता है शिकायत करता है तो उसकी आवाज दबा दी जाती है या फिर कागजी कार्रवाई छोटी-मोटी करके शिकायत को रफा दफा कर दिया जाता है आज देश में बड़े-बड़े नेता भ्रष्टाचार के आरोप में नजर आ रहे हैं जो मामला मीडिया के माध्यम से देश को मालूम होता है वहां भ्रष्टाचार उजागर हो जाता है परंतु ऐसे बहुत से भ्रष्टाचारी खुलेआम भ्रष्टाचार करते हुए अपने आप को बचाते नजर आते हैं आखिर कब तक देश ऐसे भ्रष्टाचारियों को बर्दाश्त करता रहेगा सवाल बना हुआ है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
पंचायत में कैसे होता है भ्रष्टाचार
ग्राम पंचायत में हमेशा सरपंच के ऊपर लगता है भ्रष्टाचार का आरोप परंतु सच और कुछ होता है सरपंच को भ्रष्टाचारी बनता है सरकारी कर्मचारी जिस ग्राम पंचायत का सचिव कहते हैं सचिव को मालूम होता है किस तरह से सरकारी पैसों को गबन करके कागजों पर हिसाब किताब बनाकर सरकार को देना है सरपंच तो पहली बार चुन करके पंचायत में आता है उसे नहीं मालूम होता किस तरह से सरकारी पैसों को अपनी जेब में डालें परंतु सचिव को मालूम रहता है कि किस फंड की राशि किस तरह से गबन करके आपस में बाटी जाए,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,,,,,,,विकास कार्यों की राशि, ,,,,,,,,,
गांव में विकास कार्यों के लिए लाखों रुपए की नली सड़क या अन्य प्रकार के विकास कार्य जो लाखों रुपए के बजट में बनाना होता है उदाहरण परंतु 25 लाख की नली 10 लाख में कंप्लीट हो जाती है परंतु राशि पूरी 25 लाख निकाल ली जाती है आखिर ऐसा क्यों होता है इसका सीधा सा कारण है सरकार पहले अपने इंजीनियर से मूल्यांकन करवाती है जितनी राशि का मूल्यांकन इंजीनियर करेगा उतनी ही राशि निकल जाएगी सरपंच को पहले शुरू करने के लिए अपनी जेब से इंजीनियर को एवं अन्य अधिकारियों को पैसे देने पड़ते हैं जब जाकर के काम शुरू होता है सरपंच सचिव को मालूम है कि अगर हम इसमें भ्रष्टाचार करके पैसा बचा रहे हैं अगर शिकायत भी होती है वही अधिकारी जाकर शिकायत की जांच करेंगे जिनको वहां पैसा देते हैं कुछ नहीं हो सकता उनका इसलिए वहां खुलेआम भ्रष्टाचार करते हैं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,, एक मामला भ्रष्टाचार का हीरापुर में,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हीरापुर पंचायत में पूर्व सरपंच के द्वारा विधायक निधि से गरीब मछुआरों के लिए 3:30 लाख का मछली बाजार बनाना था मछली बाजार बना तो नहीं परंतु मछली बाजार की राशि 348000 सरपंच सचिव के द्वारा निकाल करके गबन कर ली गई क्या अधिकारियों ने क्या इंजीनियर ने बाजार को देखा या नहीं पता नहीं परंतु राशि तो निकल गई कैसे निकाली सवाल बना है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,, ऐसे बहुत सारे सवाल भरवेली हीरापुर मानेगांव एवं पंचायत पर अन्य पंचायत पर बना हुआ है आखिर पंचायत में कब शासन प्रशासन अपना ध्यान केंद्रित करेगा पता नहीं ऐसी बहुत सारी योजनाएं जिम भ्रष्टाचार हो रहा है इनकी जांच कब होगी सवाल बना है


















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