जिला प्रशासन निद्रा में,नववर्ष पर सबसे बड़े अध्यात्म आयोजन में कुछ ही दिन शेष..
दुर्ग : विगत 4 वर्षों से शिवनाथ नदी के महमरा एनीकेट पर नववर्ष के प्रथम दिन शिवनाथ महोत्सव का आयोजन शहर के युवाओं द्वारा आयोजित किया जाता है। जहां सुबह से ही मेला लग जाता है, जो कि संध्या दीपदान और महाआरती के साथ समापन होता है।
साल के पहले दिन होने के चलते यहां पर्यटकों और भक्तों की भीड़ देखते ही बनती है। ऐसे में जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते इसबार युवाओं को शिवनाथ महोत्सव की तैयारी करने में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य रूप से बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर महाआरती होती है। वो स्थल टूटा फूटा पड़ा है,जगह जगह गंदगी और कचरे का ढेर लगा हुआ है। ज्ञात हो कि इस आयोजन में जो महाआरती होती है। उसे देखने दुर्ग जिले के साथ साथ आस पास के जिलों और अन्य प्रदेश के भक्त भी सम्मिलित होते रहे हैं। साथ ही जनप्रतिनिधि भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। ऐसे में इस वर्ष 1 जनवरी को होने जा रहे नदी के सबसे बड़े आयोजन को लेकर जिला प्रशासन की उदासीनता आयोजकों को मायूस कर रही है। आयोजन के अध्यक्ष वरुण जोशी ने कहा कि इस बार भक्तों के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे,शिव मंदिर को बस्तरिया पैटर्न में सजाया जायेगा, 51000 दीपदान से घाट जगमगाए ऐसी तैयारी की जाएगी, बच्चों के लिए निःशुल्क झूले और जंपिंग लगाए जाएंगे,विशेष रूप से नागपुर की टीम द्वारा इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी की जाएगी और इस आयोजन के मुख्य आकर्षण बनारस की तर्ज पर 11 पंडितों द्वारा महाआरती की जाएगी किंतु महमरा तट की स्थिति दयनीय है। जिसे जिला प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि यहां सुबह से रात्रि महाआरती तक करीब 1 लाख लोगों का आना जाना होगा जो कि हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है।




















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