होली 2025,शुभ मुहूर्त में किया गया होलिका दहन,गुलाल लगाकर एक दूसरे को दी शुभकामनाएँ । सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी ।
रायपुर-होली पर्व सनातनधर्म मानने वालों का प्रमुख पर्व है।इस पर्व को मनाने की शुरुआत हिरण्यकश्यप के जमाने से होना मानी जाती है। हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद भगवान के भक्त थे।उन्होंने अपने पुत्र को भगवान की भक्ति से हटाने के लिए अनेक प्रयास किए, लेकिन भक्त प्रहलाद प्रभु की भक्ति को नहीं छोड़ पाए,अंत में हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को मारने के लिए योजना बनाई।
और अपनी बहन होलिका की गोद में प्रह्लाद को बैठाकर अग्नि के हवाले कर दिया, लेकिन भगवान की ऐसी कृपा हुई की होलिका जलकर भस्म हो गई और भक्त प्रह्लाद आग से सुरक्षित बाहर निकल गए ।
होलिका भक्त प्रहलाद कि बुआ थी। वह अग्नि कि उपासक थी और उसे भगवान शिव से वरदान कै रूप में एक दिव्य वस्त्र मिला था।
जब तक वह उस वस्त्र में रहेगी आग से उसे कोई नुकसान नहीं होगा । शुभ मुहूर्त में पूजा कर होलिका दहन किया गया ।





















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