किसान ने तहसील कार्यालय में खाया जहर: जमीन के कब्जे को लेकर था परेशान
सिमगा से ओंकार साहू की रिपोर्ट
बलौदाबाजार- जिले के तहसील कार्यालय में एक किसान और उसके बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। किसान लंबे समय से अपनी जमीन के कब्जे को लेकर अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहा था, लेकिन समाधान न मिलने से वह हताश हो गया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित किसान हीरा लाल साहू ग्राम बूढ़गहन (सुहेला थाना क्षेत्र) का निवासी है। वह अपनी जमीन के कब्जे के लिए कई बार तहसील कार्यालय पहुंचा, लेकिन बार-बार की पेशियों और कोई ठोस समाधान न मिलने से निराश था। सोमवार को उसने तहसील कार्यालय में ही कीटनाशक खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुहेला में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
किसान की आपबीती
हीरा लाल साहू का कहना है कि अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद उसकी जमीन का मामला सुलझाया नहीं गया। बार-बार पेशी और धमकियों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि तहसीलदार ने उसे नेतागिरी करने का आरोप लगाते हुए थाने में बंद करवाने की धमकी दी थी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और किसान के परिजनों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और किसान की जमीन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।
बढ़ती प्रशासनिक जटिलताएं और किसान
राजस्व विभाग में वर्षों से लंबित मामलों के कारण किसानों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने हाल ही में राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, कई जगहों पर किसानों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
सरकार और प्रशासन से उम्मीदें
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार की जरूरत को उजागर किया है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि वे ऐसे चरम कदम उठाने के लिए मजबूर न हों।


















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