तिल्दा नेवरा में पहली बार बाल रूप में विराजी माता रानी, भक्तों में उमड़ा उत्साह
अजय नेताम - तिल्दा नेवरा:- शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में पहली बार माता रानी को बाल रूप में विराजमान किया गया है। इस अनोखे और भव्य आयोजन ने भक्तों के मन को भक्तिरस से भर दिया है। शहर में श्रद्धा और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है।
इस वर्ष स्थानीय श्रद्धालुओं और महाकाली मंदिर के पुजारी ने मिलकर पहली बार देवी दुर्गा की बालिका स्वरूप में भव्य प्रतिमा की स्थापना की। बाल रूप माता रानी की मूर्ति को विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिसमें उन्हें एक बालिका के रूप में सिंह के साथ दिखाया गया है। माता रानी की मुस्कान और सौम्य भाव देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो रहे हैं।
महाकाली मन्दिर के संरक्षक योगी राजानाथ (राजा वाधवा) जी ने बताया कि,
हमने इस वर्ष माता को बाल रूप में विराजमान करने का संकल्प लिया था ताकि समाज में कन्या पूजन और नारी सशक्तिकरण का संदेश फैलाया जा सके।"
मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और पारंपरिक सजावट से सजाया गया है। हर शाम आरती और भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों भक्त हिस्सा ले रहे हैं।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया:
एक भक्त ने कहा, "आज माता रानी को इस रूप में देखकर ऐसा लगा जैसे साक्षात चंडी बालिका हमारे बीच आ गई हों।"
दूसरे ने कहा, "यह रूप हमें यह याद दिलाता है कि नारी बचपन से ही शक्ति स्वरूपा है।"


















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