महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन
धमतरी। विश्व भाषा के प्रथम महाकाव्य रामायण के रचनाकार, भारतीय संस्कृति के अधिष्ठाता एवं आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के शुभ अवसर पर 12 अक्टूबर 2025 को गोंडवाना भवन धमतरी में प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन, काव्य गोष्ठी एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन समता सािहत्य अकादमी छत्तीसगढ़ राज्य के तत्वज्ञान में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस समारोह का उदघाटन महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर फूल अर्पण करके व दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान व महर्षि वाल्मीकि वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभांरभ हुआ।
इस सम्मेलन में राष्ट्रीय पनिका समाज विकास परिषद नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री संुदर दास मानिकपुरी मुख्य अतिथि थे। श्री राकेश साहू, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय झिरिया तेली साहू समाज विकास परिषद नागपुर (महाराष्ट्र), श्रीमती टोमिन बाई निषाद प्रसिद्ध पंडवानी गायिका दुर्ग, प्रो.के.मुरारीदास साहित्यकार बालोद एवं श्री जीवराखन लाल मरई प्रसिद्ध समाज सेवी धमतरी विशिष्ट अतिथि थे।
श्रीमती सुशीला देवी वाल्मीकि संरक्षक समता साहित्य अकादमी छ.ग धमतरी ने अध्यक्षता की, जबकि अकादमी प्रांताध्यक्ष जी.आर.बंजारे ‘‘ज्वाला’’ कार्यक्रम संयोजन व मंच संचालक के रूप में सहभागिता की। काव्य गोष्ठी में श्री दीपक कुमार चापरिया (भिलाई), श्री धनेश राम रजक (साजा), श्रीमती उमा जाटव (बेमेतरा), श्री फणीन्द्र लाल देवांगन (बस्तर), श्रीमती खेमलता रात्रे (सिमगा), श्रीमती महेश्वरी ठाकुर-श्रीमती देशा ठाकुर (जगदलपुर), श्री बृजदास मानिकपुरी (कांकेर) ने कविता पाठ किया।
इस अवसर पर प्रदेश के 50 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया तथा नई दिल्ली में आगामी 12 दिसम्बर को नेशनल फेलोशिप अवार्ड से सम्मानित होने वाले प्रदेश के 40 विशिष्ट जनेां को शुभकामना बिदाई देते हुए उन्हें अपने सेवा कार्यों को पूरी ईमानदारी व मोहब्बत के साथ नियमित रूप से करते रहने का आव्हान किया गया ताकि संतो, गुरूओं और महापुरूषों के जिस कारवां को अकादमी गत 40 साालों में प्रदेश-देश में आगे बढ़ाया है उसे उनके मूल मंत्रो के साथ और आगे बढ़ाया जा सके।
सम्मेलन मे पे्रम सायमन, रवि खरे, महेन्द्र दास मानिकपुरी, ईराज दास महंत, मदन लहरे, श्रीमती रानी टंडन, मोहम्मद मुश्ताक, द्रोण साहू, रंजीत छाबड़ा, चंदा सिन्हा, विकास कुमार, गंगा प्रसाद कश्यप, सरविन्द सिदार, अजय कुमार देवदास, सुनीता देवांगन, टिकेश्वर सोनवंशी, दिलहरन दास मानिकपुरी आदि प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।




















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.