दिसंबर 2025 की पेंशन नहीं मिलने से पेंशनरों में चिंता•
जीवन प्रमाणपत्र बना मुख्य कारण
कलेक्टर इसे संज्ञान में लेकर बैंक को जरूरी निर्देश दे
— वीरेन्द्र नामदेव
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर-भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया है कि प्रदेश में अनेक पेंशनरों, विशेषकर 01 अप्रैल 2019 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खातों में दिसंबर 2025 की पेंशन जमा नहीं हुई है, जबकि यह राशि 30 दिसंबर 2025 तक बैंक खातों में जमा हो जानी थी। लगातार मिल रही सूचना के अनुसार यह संख्या हजारों में हो सकती है। जिला प्रशासन से इसे संज्ञान में लेकर अपने जिले में सभी बैंक को पेंशनरों को सहयोग हेतु दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है और अपने संभाग, जिला, तहसील, विकासखंड के पदाधिकारियों से आव्हान किया है इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर स्वयं कलेक्टर का उनसे प्रत्यक्ष भेंट कर ध्यान आकर्षित कर जीवन प्रमाणपत्र फिर से जमा करने जरूरी कार्यवाही करने हेतु आग्रह करें ताकि बैंक प्रशासन के बेरुखी का शिकार होने से बचे और की गई कार्यवाही की जानकारी पेंशनर्स महासंघ के
श्री नामदेव ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को छोड़कर अन्य बैंकों के खाताधारक पेंशनर अधिक प्रभावित हुए हैं, हालांकि कुछ SBI के पेंशनरों के साथ भी यह समस्या सामने आई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पेंशन रुकने का मुख्य कारण ऑनलाइन जीवन प्रमाणपत्र (जीवन प्रमाण / Jeevan Pramaan) का समय पर या सही तरीके से जमा न होना है, जिसकी जिम्मेदारी काफी हद तक बैंक प्रशासन पर भी बनती है।
उन्होंने ऐसे सभी पेंशनरों से अपील की है जिनकी दिसंबर 2025 की पेंशन अब तक प्राप्त नहीं हुई है, वे अपने संबंधित बैंक में जाकर यह सुनिश्चित करें कि उनका जीवन प्रमाणपत्र अपलोड और सत्यापित हुआ है या नहीं। बैंक अपने कंप्यूटर सिस्टम में इसकी स्थिति देख सकते हैं। जिन प्रकरणों में पेंशन नहीं आई है, उनमें अधिकांश मामलों में जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं होने या तकनीकी कारणों से अस्वीकृत होने की स्थिति पाई गई है। ऐसे पेंशनरों को जीवन प्रमाणपत्र पुनः भरकर (फिजिकल/मैनुअल रूप से) उसे ऑनलाइन सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रायपुर को भेजने की आवश्यकता है।
प्रांताध्यक्ष ने बताया कि कई बार डेटा मिसमैच, वेरिफिकेशन में देरी, बायोमेट्रिक फेलियर या तकनीकी खामियों के कारण भी पेंशन अस्थायी रूप से रुक जाती है। जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की अंतिम तिथि (आमतौर पर 30 नवंबर) के बाद भी पेंशन देय रहती है, लेकिन सत्यापन पूर्ण होने तक भुगतान रुक सकता है। प्रक्रिया पूरी होते ही अटकी हुई पेंशन शीघ्र जारी हो जाती है।
उन्होंने पेंशनरों से आग्रह किया कि आधार, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और PPO नंबर सहित सभी विवरण सही रखें तथा आवश्यकता होने पर फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से घर बैठे भी जीवन प्रमाणपत्र पुनः सबमिट कर सकते हैं। यदि बैंक स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो, तो CPPC को सूचित किया जाए।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, संगठन मंत्री टी पी सिंह संभागीय अध्यक्ष बी के वर्मा दुर्ग, आर एन ताटी बस्तर, प्रवीण कुमार त्रिवेदी रायपुर तथा गुरुचरण सिंह सरगुजा संभाग ने कहा है कि पेंशनर अपनी समस्या भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के संभाग एवं जिला पदाधिकारियों के साथ साझा कर सकते हैं, ताकि समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जा सकें।
— वीरेन्द्र नामदेव
प्रांताध्यक्ष
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश
मो. 9826111421, 9425214421,


















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